कोटद्वार में बिना आवश्यक मान्यता के संचालित शिक्षण गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में मंगलवार शाम उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार और जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने विभिन्न मस्जिद परिसरों का औचक निरीक्षण किया।
दो स्थानों पर नहीं मिले जरूरी दस्तावेज
प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान दो स्थानों पर संचालित शिक्षण गतिविधियों के संबंध में आवश्यक मान्यता और अनुमति से जुड़े अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके बाद संबंधित कमरों को नियमानुसार सील कर दिया गया।
लकड़ी पड़ाव में 29 बच्चे मिले
टीम ने शाम करीब 7:10 बजे लकड़ी पड़ाव स्थित मदीना/रसीदिया मस्जिद के बेसमेंट में निरीक्षण किया। प्रशासन के मुताबिक, एक कमरे में कुल 29 बच्चे पढ़ाई करते मिले। इनमें 14 बालिकाएं और 15 बालक शामिल थे।
कमरे को सामान सहित किया गया सील
टीम ने मौके पर संचालित शिक्षण गतिविधि से संबंधित जानकारी ली और मान्यता से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक अनुमति नहीं पाए जाने पर संचालक की मौजूदगी में संबंधित कक्ष को सामान सहित सील कर दिया गया। संचालक को आगे वहां किसी भी तरह की पठन-पाठन गतिविधि संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए।
जामा मस्जिद में भी 14 बच्चे मिले
इसके बाद प्रशासनिक टीम ने शाम करीब 7:45 बजे मुख्य बाजार, नजीबाबाद रोड स्थित जामा मस्जिद का निरीक्षण किया। यहां मस्जिद परिसर के एक कमरे में 14 बच्चे पढ़ाई करते हुए मिले।
प्रवेश द्वार पर लगाया गया सील
प्रशासन के अनुसार, मौके पर शिक्षण गतिविधि के संचालन से संबंधित आवश्यक मान्यता के अभिलेख नहीं मिले। इसके बाद संबंधित कमरे तक जाने वाले मार्ग के प्रवेश द्वार पर स्थित लोहे के गेट को मस्जिद पदाधिकारियों की मौजूदगी में सील कर दिया गया।
आगे भी जारी रहेगा सत्यापन अभियान
उपजिलाधिकारी ने कहा कि बिना आवश्यक मान्यता, अनुमति या निर्धारित प्रक्रिया के संचालित शिक्षण गतिविधियों के संबंध में जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन की संयुक्त टीमें विभिन्न स्थानों पर स्थलीय सत्यापन कर रही हैं और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने नियमों के पालन पर दिया जोर
प्रशासन का कहना है कि शिक्षण गतिविधियों का संचालन निर्धारित नियमों, मानकों और आवश्यक मान्यता के अनुरूप होना जरूरी है। इसी उद्देश्य से संबंधित विभागों की टीमें निरीक्षण और अभिलेखों के सत्यापन की कार्रवाई कर रही हैं।


