श्रावण मास के कांवड़ मेले में नीलकंठ महादेव धाम पहुंच रहे लाखों शिवभक्तों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पौड़ी जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा अभियान तेज कर दिया है. जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने नीलकंठ यात्रा मार्ग और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में विशेष निगरानी शुरू की है. इसके तहत देहरादून से मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब तैनात की गई है, जहां खाद्य पदार्थों की मौके पर ही निःशुल्क जांच की जा रही है.
मौके पर हो रही दूध, पनीर और मिठाइयों की जांच
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा पी.सी. जोशी ने बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग और नीलकंठ क्षेत्र के स्थायी व अस्थायी खाद्य प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है. मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के जरिए दूध, पनीर, मिठाई, खाद्य तेल, दाल, चावल, मसाले और पेय पदार्थों सहित विभिन्न खाद्य सामग्री की वैज्ञानिक जांच मौके पर ही की जा रही है. इससे मिलावट या गुणवत्ता में गड़बड़ी का तुरंत पता लगाया जा सकता है.
मिलावट मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थों के मामलों में संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. निरीक्षण के दौरान व्यापारियों को स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण करने और साफ-सुथरे वातावरण में खाद्य पदार्थ तैयार व बेचने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं.
लैब में विशेषज्ञ कर रहे वैज्ञानिक जांच
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब में लैब एनालिस्ट जितेंद्र भंडारी खाद्य पदार्थों के नमूनों की वैज्ञानिक जांच कर रहे हैं, जबकि सीनियर फूड सेफ्टी ऑफिसर सारधा शर्मा पूरे अभियान की निगरानी कर रही हैं. विभाग का कहना है कि कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
व्यापारियों और श्रद्धालुओं से की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे जानकी पुल के पास स्थापित मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब में अपनी खाद्य सामग्री की निःशुल्क जांच कराएं. विभाग का उद्देश्य कांवड़ मेले के दौरान मिलावटी और निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है.

