माफिया से नेता बने दिवंगत अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हादसे की भयावहता सामने आई है। झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में तीन डॉक्टरों के पैनल ने करीब साढ़े चार घंटे तक पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के मुताबिक आबान के शरीर पर कुल 23 चोटें मिलीं।
लिवर और फेफड़े में गंभीर चोट, पसलियां भी टूटीं
डॉक्टरों के मुताबिक तेज टक्कर के कारण आबान के शरीर में कई गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। उनका लिवर और फेफड़ा फट गया, जबकि तिल्ली भी क्षतिग्रस्त हुई। हादसे में कई पसलियां टूट गईं। सिर के अंदर भी गंभीर चोटें पाई गईं। डॉक्टरों के अनुसार इन चोटों के चलते भारी आंतरिक रक्तस्राव हुआ, जो मौत की प्रमुख वजह बना।
दोस्त सोनू के शरीर पर भी गंभीर चोटें
हादसे में आबान के साथ जान गंवाने वाले उनके दोस्त सोनू उर्फ शाकिर के पोस्टमार्टम में भी गंभीर चोटें सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक उसके दोनों हाथ और सिर की हड्डी में फ्रैक्चर था।
दोनों शवों का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आबान का शव उनके भाई अहजम अहमद को सौंप दिया गया। देर रात परिजन शव लेकर प्रयागराज रवाना हो गए।
भाई अली से मिलने जा रहे थे आबान
आबान गुरुवार सुबह प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने के लिए निकले थे। वह अपने साथियों के साथ क्रेटा कार में सवार थे। इसी दौरान झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास हादसा हो गया।
बताया गया कि तेज रफ्तार कार के सामने अचानक बछड़ा आ गया, जिसके बाद चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि आबान और सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए।
छोटे भाई की मौत से सदमे में अली
आबान की मौत की खबर मिलने के बाद झांसी जेल में बंद उनके भाई अली अहमद गहरे सदमे में बताए जा रहे हैं। जेल सूत्रों के मुताबिक वह गुरुवार रात से ही गुमसुम हैं। शुक्रवार को भी वह अपनी बैरक से बाहर नहीं निकले।
बताया गया कि सामान्य दिनों में अली टहलने और व्यायाम के लिए बाहर आते थे, लेकिन भाई की मौत की खबर के बाद उन्होंने खुद को बैरक तक सीमित रखा। सूत्रों के अनुसार उन्होंने रात में ठीक से नींद भी नहीं ली और जेल अधिकारियों से हादसे की जानकारी लेते रहे।
आबान अक्सर भाई से मिलने झांसी आते थे
परिवार में सबसे छोटे होने के कारण आबान अपने भाई-बहनों के बेहद करीब बताए जाते थे। वह अली से मिलने के लिए अक्सर झांसी आते थे। बताया गया कि दोनों भाइयों की महीने में कई बार मुलाकात होती थी। इसी नियमित संपर्क के चलते आबान का झांसी आना-जाना लगा रहता था।
हादसे की जांच जारी
पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटनाग्रस्त क्रेटा को कब्जे में लेकर उसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हादसे के वक्त वाहन की रफ्तार कितनी थी और अचानक सड़क पर आए बछड़े की वजह से चालक ने नियंत्रण खोया या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।


