जनसमस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में 20 शिकायतों की सुनवाई की. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का प्रभावी और निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए.
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के समाधान के बाद की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के साथ उसकी सॉफ्ट कॉपी संबंधित शिकायतकर्ता को भी दी जाए. इससे शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहेगी.
लंबित शिकायतों की भी हुई समीक्षा
जनता मिलन के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, ई-ऑफिस और अन्य माध्यमों से प्राप्त लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा भी की गई. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी जनशिकायत के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल नहीं होने वाले अधिकारियों पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.
पेयजल की शिकायत पर अगले दिन मौके पर पहुंचेगा विभाग
ग्रामसभा थली दान्दली के ग्रामीणों ने पेयजल समस्या की शिकायत की. मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को अगले ही दिन संबंधित जेई को मौके पर भेजने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को पहले सूचना दी जाए और उनकी मौजूदगी में समस्या का स्थलीय निरीक्षण कर समाधान कराया जाए.
किसान सम्मान निधि नहीं मिलने पर तत्काल जांच के निर्देश
विकासखंड दुगड्डा के ग्राम सिरसू निवासी त्रिलोक सिंह ने नवंबर 2025 से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की. जिलाधिकारी ने कृषि अधिकारी को शिकायतकर्ता को अपने कार्यालय ले जाकर मामले की जांच करने और तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
भूमि अधिग्रहण के मामले में मुआवजे की कार्रवाई के निर्देश
तहसील चाकीसैण के ग्राम तरपाली निवासी उमेद सिंह ने एनएच-309 धुमाकोट के तहत तरपालीसैंण में आरसीसी सेतु निर्माण के दौरान बिना अनुमति उनकी भूमि अधिग्रहित किए जाने की शिकायत की.
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी चाकीसैण को व्यक्तिगत रूप से जांच करने और नियमानुसार प्रभावित व्यक्ति को मुआवजा दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
तीन महीने से बंद मातृ-शिशु केंद्र का मामला पहुंचा जनता मिलन में
तहसील पौड़ी के मंजेड़ा गांव निवासी जयपाल सिंह बिष्ट ने बणगांव स्थित मातृ-शिशु कल्याण केंद्र में पिछले तीन महीने से कर्मचारी की तैनाती नहीं होने और केंद्र बंद रहने की शिकायत की.
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को केंद्र का औचक निरीक्षण करने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
बाघ और तेंदुओं की गतिविधियों पर बढ़ेगी निगरानी
रिखणीखाल वेलफेयर सोसाइटी के उपाध्यक्ष जेएस बिष्ट ने क्षेत्र में बाघ और तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों से लोगों में पैदा हो रहे भय को लेकर छह बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग रखी.
जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, वन कर्मियों की गश्त बढ़ाने और उपलब्ध उपकरणों के माध्यम से सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
बीरोंखाल में लगाया गया राजस्व कैंप, मौके पर निपटाए मामले
जनता मिलन के अलावा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनदर्शन, पत्राचार और अन्य माध्यमों से मिली शिकायतों पर भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है.
बीरोंखाल के सिंदुड़ी तल्ली निवासी दिनेश गुसाईं ने भूमि की रजिस्ट्री समेत अन्य राजस्व मामलों के लिए तहसील लैंसडौन के चक्कर लगाने की समस्या बताते हुए बीरोंखाल में राजस्व कैंप लगाने की मांग की थी. जिलाधिकारी के निर्देश पर 6 अगस्त 2026 को बीरोंखाल में राजस्व कैंप आयोजित किया गया, जहां क्षेत्रवासियों के राजस्व संबंधी मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया.
पाइपलाइन की समस्या दूर कर बहाल की गई पेयजल आपूर्ति
ग्राम कण्डारा निवासी हुकम सिंह ने स्टैंड पोस्ट पर पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत की थी. जल संस्थान ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए पाइपलाइन की समस्या को दूर किया और 21 जुलाई 2026 को मरम्मत कार्य पूरा कर पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी.
विभाग ने शिकायतकर्ता से फोन पर बातचीत कर जलापूर्ति बहाल होने की पुष्टि भी की.
भूमि सीमांकन की शिकायत का भी हुआ समाधान
सतपुली तहसील के ग्राम कन्दोली, पट्टी कौड़िया-01 निवासी विजय कुमार ने भवन निर्माण में आ रही दिक्कतों के चलते अपने हिस्से की भूमि का सीमांकन कराने की मांग की थी. शिकायत पर राजस्व विभाग ने नियमानुसार भूमि का सीमांकन कराकर मामले का त्वरित निस्तारण कर दिया.
अधिकारियों को जनशिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान करना है. उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके की वास्तविक स्थिति समझकर समाधान सुनिश्चित किया जाए.
बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, एडीएम एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीएमओ डॉ. मेघना असवाल, सीवीओ डॉ. विशाल शर्मा, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण वर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.


