पान मसाला बनाने वाली कंपनियों को अब इसकी पैकेजिंग बदलनी होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर नए नियम लागू किए हैं। इसके तहत प्लास्टिक, एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर वाली पैकेजिंग पर रोक लगा दी गई है।
किन चीजों से हो सकेगी पैकिंग?
नए नियमों के मुताबिक पान मसाला की पैकिंग के लिए पेपर, पेपरबोर्ड, सेलुलोज या अन्य प्राकृतिक रूप से प्राप्त सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इन सामग्रियों में किसी भी तरह का प्लास्टिक, सिंथेटिक पॉलिमर, को-पॉलिमर या लैमिनेट नहीं होना चाहिए। साथ ही एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा।
इसके अलावा FSSAI ने टिन और ग्लास कंटेनर को भी पान मसाला की पैकेजिंग के लिए मंजूरी दी है।
क्या पान मसाला पर लगा है बैन?
नहीं। यह फैसला पान मसाला की बिक्री या उत्पादन पर प्रतिबंध नहीं है, बल्कि उसकी पैकेजिंग से जुड़ा नियम है। यानी पान मसाला उत्पाद बाजार में उपलब्ध रहेगा, लेकिन कंपनियों को निर्धारित पैकेजिंग सामग्री का ही इस्तेमाल करना होगा।
कब से लागू हुए नए नियम?
FSSAI ने Food Safety and Standards (Packaging) Amendment Regulations, 2026 को 10 अगस्त को अधिसूचित किया। ये नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होते ही लागू हो गए हैं। इससे पहले अप्रैल में इसका ड्राफ्ट जारी कर लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए थे।
इन नए नियमों के बाद पान मसाला के छोटे प्लास्टिक पाउच और प्लास्टिक-लैमिनेटेड पैकेटों की जगह अब पेपर, टिन या ग्लास जैसी पैकेजिंग देखने को मिल सकती है।


