कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार दूसरे साल लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा नहीं लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया।
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी और खड़गे ने प्रोटोकॉल और बैठने की व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के कारण समारोह से दूरी बनाई। बताया गया कि समारोह में उनकी स्थिति और पद के अनुरूप प्रोटोकॉल नहीं था।
राहुल गांधी की सीट को लेकर पहले भी हुआ था विवाद
राहुल गांधी को इस साल के समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था। रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उनकी सीट Table of Precedence के अनुसार तय की जाएगी। इसके तहत लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष का दर्जा केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के बराबर होता है।
2024 में भी राहुल गांधी की सीट को लेकर विवाद हुआ था। उस समय नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद उन्हें लाल किले पर पांचवीं पंक्ति में बैठाया गया था। कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा था। हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि ओलंपिक खिलाड़ियों को जगह देने के कारण बैठने की व्यवस्था की गई थी।
2025 में भी नहीं पहुंचे थे राहुल और खड़गे
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2025 में भी लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा नहीं लिया था। कांग्रेस इससे पहले गणतंत्र दिवस समारोहों में भी अपने नेताओं की सीट को लेकर सवाल उठा चुकी है।
वहीं, रक्षा मंत्रालय का कहना है कि राष्ट्रीय समारोहों में बैठने की व्यवस्था Table of Precedence के तहत की जाती है, जो राजनीतिक दल के बजाय संवैधानिक पद और आधिकारिक दर्जे पर आधारित होती है।


