रांची: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो को शनिवार को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से कथित तौर पर पुलिस ने रोक दिया। महतो रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं और 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
महतो ने आरोप लगाया कि जैसे ही उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित ध्वजारोहण और तिरंगा मार्च में शामिल होने की इच्छा जताई, उनके अस्पताल के कमरे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अपने ही देश में तिरंगा फहराने और तिरंगा यात्रा में शामिल होने की आजादी नहीं है। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई।
भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ जारी है प्रदर्शन
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस समय झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन का मुख्य केंद्र है। यहां हजारों छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
महतो की भूख हड़ताल का शनिवार को 14वां दिन था। इससे पहले रांची विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसके बाद लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद महतो को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
CM हेमंत सोरेन ने दिया पारदर्शी परीक्षा का भरोसा
वहीं, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बदलाव कर रही है।
उन्होंने कहा कि युवाओं का भरोसा सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ पहल भी शुरू की है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्रों से सुझाव मांगे हैं।
उधर, छात्र नेता रविंदर पासवान ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रदर्शनकारी छात्र केवल देश की आजादी की बात करेंगे और इस दिन सरकार के सामने अपनी मांगें नहीं रखेंगे।
महतो ने भी प्रदर्शनकारियों से आंदोलन को कमजोर या बिखरने से बचाने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्व आंदोलन की दिशा बदलने की कोशिश कर रहे हैं।


