विकास योजनाओं की प्रगति को बेहतर बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाने के लिए पौड़ी गढ़वाल में 20 एवं 25 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने विकास भवन सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की विभागवार प्रगति और निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा की।
डी श्रेणी की 11 मदें घटकर हुईं 3
बैठक में 20 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत शामिल कुल 38 मदों की समीक्षा की गई। इस दौरान कम प्रगति वाली मदों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने पर विशेष जोर दिया गया।
सीडीओ ने बताया कि पिछले माह 11 मदें डी श्रेणी में थीं। अधिकारियों के प्रयासों के बाद इनमें उल्लेखनीय सुधार हुआ है और अब केवल 3 मदें ही डी श्रेणी में रह गई हैं। वहीं 8 मदों की स्थिति में सुधार करते हुए उन्हें ए या बी श्रेणी में लाया गया है।
जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की समीक्षा केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित न रहे। अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आमजन को लाभ पहुंचाना है। इसलिए अधिकारी अपने-अपने विभाग की योजनाओं की नियमित निगरानी करें और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
25 सूत्रीय कार्यक्रम की भी हुई समीक्षा
बैठक में 25 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। सीडीओ ने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप लगातार प्रगति बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के जरिए जनकल्याण और विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
सीडीओ ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समय रहते समाधान करने और शासन स्तर से जुड़े मामलों में आवश्यक पत्राचार एवं कार्रवाई जल्द पूरी करने को कहा गया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन योजनाओं में प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, उनकी नियमित समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाए, ताकि अगली समीक्षा में बेहतर परिणाम सामने आएं।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, एसीएमओ डॉ. अमित मेहरा, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, डीपीओ देवेन्द्र थपलियाल, जिला परीवीक्षा अधिकारी अरविन्द कुमार, डीओ पीआरडी पंकज तिवारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


