नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के 10 दिन बाद राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। त्रिशूली नदी में आई फ्लैश फ्लड के बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे दो मजदूरों को शुक्रवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सुरंग से निकाले गए दोनों मजदूरों की पहचान मैकेनिकल इंजीनियर संजय साह और कबीर महाजन के रूप में हुई है।
रेस्क्यू टीम के मुताबिक, दोनों मजदूर त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में करीब 170 मीटर अंदर फंसे हुए थे। लगातार 10 दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के बाद आखिरकार टीम उन्हें बाहर निकालने में सफल रही।
‘मुझे दूसरी जिंदगी मिली’
सुरंग से बाहर आने के बाद संजय साह ने बताया कि इन 10 दिनों के दौरान उन्होंने मौत और जिंदगी के बीच बेहद मुश्किल वक्त गुजारा। जब बाढ़ का पानी और मलबा सुरंग में तेजी से भरने लगा, तब वह दूसरे कर्मचारियों को सुरक्षित जगह पहुंचाने में मदद कर रहे थे। इसी दौरान वह खुद भी सुरंग में फंस गए।
संजय ने बताया कि वह प्रोजेक्ट के कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और हादसे के वक्त साइट पर करीब 40-45 कर्मचारी मौजूद थे। उन्होंने कहा, “सबको बचाने की जिम्मेदारी भी मेरे ऊपर थी।”
10 दिन अंधेरे में, ‘हरे कृष्ण महामंत्र’ का जाप
संजय के लिए सुरंग के अंदर बिताए 10 दिन बेहद कठिन थे। खाने-पानी के बिना अंधेरे में फंसे रहने के दौरान उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी।
उन्होंने बताया कि वह लगातार ‘हरे कृष्ण महामंत्र’ का जाप करते रहे। संजय के मुताबिक, इसी मंत्र ने उन्हें मुश्किल हालात में हिम्मत और मानसिक ताकत दी।
उन्होंने कहा, “मैं पूरे समय महामंत्र का जाप करता रहा।”
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही
पिछले सप्ताह नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ में 1,250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं, त्रिशूली नदी के किनारे मौजूद करीब 12 अलग-अलग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में 900 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। संजय साह और कबीर महाजन इस हादसे के बाद हाइड्रोपावर साइट से सुरक्षित बाहर निकाले गए पहले दो कर्मचारियों में शामिल हैं।
रेस्क्यू के दौरान जब संजय को सुरंग से बाहर निकाला गया तो उनके चेहरे पर राहत साफ दिखाई दे रही थी। रेस्क्यू टीम ने उनसे कहा- “आपको दूसरी जिंदगी मिली है।”


