प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Summit से पहले कहा कि अगले कुछ दिनों में दुनिया भर के नेता भारत में जुटेंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी और इसका उद्देश्य वैश्विक कल्याण रहेगा.
भारत इस बार BRICS की मेजबानी कर रहा है. सम्मेलन में खाद्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और जरूरी आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.
दुनिया के कई बड़े नेता होंगे शामिल
नई दिल्ली में होने वाले BRICS Summit में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं.
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग भी सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं.
तीन दिन के भारत दौरे पर पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को तीन दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे. वह BRICS Summit में हिस्सा लेने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे.
दोनों नेताओं की बातचीत में रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, दवाइयों, व्यापार और निवेश के साथ दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है. यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब पुतिन रूस के बाहर किसी BRICS Summit में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा ले रहे हैं.
BRICS Summit से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी
BRICS Summit को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. भारत मंडपम में होने वाले दो दिवसीय सम्मेलन के लिए करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां और दिल्लीभर में 500 से ज्यादा CCTV कैमरों की मदद से सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, शहर को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा. हालांकि VVIP काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ रास्तों पर अस्थायी रोक, डायवर्जन और यातायात प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.
भारत के लिए नेतृत्व दिखाने का मौका: सलमान खुर्शीद
BRICS Summit को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने इसे एक महत्वपूर्ण आयोजन बताया. उन्होंने कहा कि इसमें चीन, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और भारत समेत सभी 11 सदस्य देशों के नेताओं की मौजूदगी भारत को वैश्विक मंच पर अपना नेतृत्व दिखाने का अवसर देती है.
खुर्शीद के मुताबिक, भारत इस मंच के जरिए देशों को एक साथ लाने, मतभेद और संघर्ष कम करने और दुनिया में बेहतर परिस्थितियां बनाने की दिशा में काम कर सकता है.


