उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में 25 सितंबर से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 330 घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह तबाह हुए हैं. बारिश के दौरान करीब 30 मवेशियों की भी जान गई है.
दीवार और मकान गिरने से 6 मौतें
बारिश के दौरान दीवार और मकान गिरने की घटनाओं में 6 लोगों की मौत हुई है. ताजा घटना सुरसा थाना क्षेत्र के खजुराहरा गांव के उम्मरपुरवा मजरे की है. यहां 45 वर्षीय मकरंद, पुत्र शिवलाल, के ऊपर कच्ची दीवार गिर गई. मलबे में दबने से उनकी मौत हो गई. हादसे में एक गाय और एक बैल की भी जान चली गई.
बघौली के बरबतापुर गांव में शनिवार रात कच्ची दीवार गिरने से 50 वर्षीय आरती सिंह की मौत हो गई. वहीं पाली क्षेत्र के लखमापुर में ईंट की दीवार गिरने से 13 वर्षीय जीतू की जान चली गई.
शाहाबाद के गढ़ी गांव में शुक्रवार को दीवार गिरने से घायल हुई नसीम की पत्नी निशा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. कछौना के गजू स्थित फतेहपुर मजरे में 55 वर्षीय सुंदरलाल चारा निकालते समय दीवार गिरने से मारे गए.
बेनीगंज के सिकंदरपुर गांव में पेड़ गिरने से मकान की दीवार ढह गई. मलबे में दबकर 11 वर्षीय मोनिका की मौत हो गई.
सांप के काटने से 2 लोगों की मौत
भारी बारिश के बीच सांप के काटने से भी दो लोगों की मौत हुई है. संडीला के रसूलपुर में भानु की बेटी निशा और सवायजपुर के बनामऊ में पंकज की बेटी रागिनी की सांप के काटने से मौत हुई.
राहत और बचाव अभियान जारी
अपर जिलाधिकारी दीपाली भार्गव के मुताबिक, 25 सितंबर से लगातार हो रही भारी बारिश से हरदोई के कई इलाके प्रभावित हैं. प्रशासन और पुलिस की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं. जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने का काम लगातार किया जा रहा है और मशीनें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं.
बारिश से प्रभावित सड़कों को बहाल किया गया है, जबकि क्षतिग्रस्त पुलियों की मरम्मत का काम जारी है. जलभराव से प्रभावित बिजली उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति भी बहाल कर दी गई है.
प्रशासन के मुताबिक, अत्यधिक बारिश से अब तक 5 मौतें आधिकारिक रूप से दर्ज की गई हैं, जबकि 2 मौतें सांप के काटने से हुई हैं. प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए राज्य सरकार से मदद मांगी गई है. प्रशासन ने तत्काल राहत उपलब्ध कराने की बात कही है.
शाहाबाद, संडीला और सवायजपुर तहसीलों में राहत शिविर लगाए गए हैं. यहां प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पीने के पानी और रहने की व्यवस्था की गई है. प्रशासन ने बारिश प्रभावित क्षेत्रों में राहत, जल निकासी और बहाली का काम जारी रखते हुए अलर्ट बनाए रखा है.


