अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है. उत्तर भारत के कुछ इलाकों में बादल छाए रहने और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में मौसम को लेकर निगरानी जारी है. हालांकि, 2 अक्टूबर के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा उप-विभागीय चेतावनी में दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है.
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR में अक्टूबर की शुरुआत के साथ तापमान में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है. दिन के समय धूप और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है. कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि फिलहाल दिल्ली के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं है.
बारिश होने की स्थिति में तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को उमस से राहत मिल सकती है. वहीं, सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की उम्मीद है. दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों को फिलहाल किसी बड़े मौसम व्यवधान की आशंका नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव हो सकता है.
उत्तर प्रदेश में बारिश का कितना असर?
उत्तर प्रदेश में भी अक्टूबर के शुरुआती दिनों में मौसम पूरी तरह साफ रहने की बजाय कहीं-कहीं बादल और बारिश की स्थिति बन सकती है. हालांकि, 2 से 8 अक्टूबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए IMD की ताजा उप-विभागीय चेतावनी में किसी तरह की चेतावनी नहीं दी गई है.
राज्य के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश, गरज-चमक या तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. बारिश की गतिविधियां ज्यादा व्यापक नहीं रहने की संभावना है, लेकिन मौसम में बदलाव के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में सुबह के समय बादल छाए रहने और दिन चढ़ने के साथ मौसम में सुधार की स्थिति बन सकती है. पश्चिमी यूपी में भी कुछ स्थानों पर मौसम बदल सकता है, लेकिन फिलहाल बड़े स्तर पर भारी बारिश की चेतावनी नहीं है.
उत्तराखंड में बारिश और गरज-चमक की संभावना
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम का असर मैदानी राज्यों की तुलना में थोड़ा अलग रह सकता है. फिलहाल 2 से 5 अक्टूबर तक राज्य के लिए कोई चेतावनी नहीं है, जबकि 6 से 8 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और आंधी जैसी गतिविधियों की संभावना जताई गई है.
पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदलता है, इसलिए बारिश के दौरान सड़क पर सफर करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ सकती है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल बनने और गरज-चमक की स्थिति में यात्रा प्रभावित हो सकती है.
मानसून की वापसी के बीच मौसम में बदलाव
देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया चल रही है. इसी दौरान अलग-अलग मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कुछ राज्यों में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. IMD के अनुसार 1 से 7 अक्टूबर के दौरान देश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर तेज बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.
मौसम में यह बदलाव खास तौर पर उन राज्यों में ज्यादा महसूस किया जा सकता है जहां नमी वाली हवाओं और स्थानीय मौसम प्रणालियों का प्रभाव बना हुआ है. दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है, जबकि उत्तर भारत के कई इलाकों में धीरे-धीरे मौसम शुष्क होने की ओर बढ़ सकता है.
तापमान में आएगा बदलाव
बारिश या बादल छाए रहने वाले इलाकों में दिन के तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है. वहीं, बारिश नहीं होने वाले क्षेत्रों में धूप निकलने के बाद दिन में गर्मी महसूस हो सकती है. अक्टूबर में मानसून की विदाई के साथ मौसम में इसी तरह का उतार-चढ़ाव सामान्य तौर पर देखने को मिलता है.
दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश जैसे मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों के दौरान सुबह और शाम का मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक होने की उम्मीद है. हालांकि, दिन में धूप निकलने पर गर्मी और उमस महसूस हो सकती है.
लोगों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए बारिश के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना बेहतर रहेगा. गरज-चमक होने पर पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए. पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए, खासकर अगर यात्रा के दौरान बारिश या आंधी की स्थिति बनती है.
फिलहाल दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए 2 अक्टूबर को कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन मौसम में स्थानीय बदलाव संभव हैं. आने वाले दिनों में उत्तराखंड में 6 अक्टूबर से गरज-चमक और आंधी जैसी गतिविधियों की संभावना बढ़ सकती है.


