रेस्क्यू के बाद बालक की नियमानुसार सामान्य डायरी (जीडी) दर्ज कराई गई और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं कीपूर्ति के उपरांत बालक को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार नाबालिग के संरक्षण, देखभाल एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उसे शिशु निकेतन में सुरक्षित रूप से प्रवेशित कराया गया है, जहां उसके समुचित देखभाल की व्यवस्था की जाएगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में किसी भी परिस्थिति में बच्चों से भिक्षावृत्ति या कूड़ा बिनवाने जैसे अमानवीय कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल रेस्क्यू, संरक्षण और पुनर्वास की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं बच्चों को भिक्षावृत्ति, बाल श्रम या असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य करते हुए देखा जाए, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते बच्चों को सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सके।


