कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश के सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को पत्र लिखकर सरकारी स्कूलों की स्थिति से जुड़ी छह अहम जानकारियां मांगी हैं। उन्होंने स्कूलों के कायाकल्प, शिक्षकों के खाली पद, बजट और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने की अपील की है।
स्कूलों की हालत पर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने पत्र में कहा कि देश को आजाद हुए करीब 80 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी कई सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए साफ पीने का पानी, शौचालय, बेहतर कक्षाएं और बैठने के लिए पर्याप्त बेंच जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों से जुड़ी और सोशल मीडिया पर सामने आने वाली तस्वीरें चिंता का विषय हैं। उनके मुताबिक, बच्चों को खराब परिस्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
शिक्षा मंत्रियों से मांगी गईं ये 6 जानकारियां
- स्कूलों का कायाकल्प: पिछले पांच वर्षों में राज्य में कितने सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया गया और वर्तमान में कितने स्कूलों को मरम्मत या पूरी तरह से कायाकल्प की जरूरत है?
- शिक्षकों के पद: कितने शिक्षण पद स्वीकृत हैं, इनमें से कितने पद भरे हुए हैं और कितने खाली हैं?
- बजट और खर्च: पिछले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों के लिए कितना बजट आवंटित किया गया और उसमें से कितनी राशि खर्च हुई?
- नए स्कूलों की जरूरत: हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में कितने अतिरिक्त सरकारी स्कूलों की जरूरत है?
- शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां: पढ़ाने के अलावा सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को कौन-कौन से गैर-शैक्षणिक कार्य और जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं?
- डिजिटल और खेल सुविधाएं: कितने सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर और डिजिटल लर्निंग की सुविधा, साफ और इस्तेमाल योग्य शौचालय तथा बच्चों के लिए खेल सुविधाएं और उपकरण उपलब्ध हैं?
‘यह किसी एक सरकार का मुद्दा नहीं’
अभिजीत दीपके ने कहा कि यह पहल किसी राजनीतिक दल या किसी एक सरकार को निशाना बनाने के लिए नहीं है। उन्होंने इसे बच्चों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया।
उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों के साथ स्कूलों में बेहद खराब परिस्थितियों में व्यवहार किया जाना चिंता का विषय है।
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी सरकारी स्कूलों के खस्ताहाल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए देशभर में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रही है।


