देहरादून: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी पुलकित आर्य और सौरभ भास्कर की जमानत याचिका पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है. न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तारीख तय की है.
पीड़ित पक्ष ने उठाया याचिका की प्रति का मुद्दा
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने अदालत को बताया कि उन्हें अब तक हाई कोर्ट में दायर अपील की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई थी. ऐसे में बचाव पक्ष की दलीलों और अपील के आधार की जानकारी के बिना प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखना संभव नहीं था. अदालत के निर्देश पर पीड़ित पक्ष को मेमो ऑफ अपील की प्रति उपलब्ध कराई गई.
आजीवन कारावास की सजा को दी है चुनौती
पुलकित आर्य और सौरभ भास्कर ने कोटद्वार की निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है. दोनों ने अपील लंबित रहने तक जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की है.
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
पौड़ी गढ़वाल जिले के डोभ श्रीकोट निवासी अंकिता भंडारी वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थीं. सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर शव चीला बैराज में फेंक दिया गया था. जांच के बाद पुलिस ने रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था.
तीनों दोषी जेल में बंद
कोटद्वार की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. फैसले के बाद से तीनों दोषी जेल में बंद हैं. अब इस मामले में हाई कोर्ट में अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी.


