देशभर में गर्मी ने पैर पसार लिए हैं और चिलचिलाती धूप अब लोगों को परेशान करने लगी है. उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में भी गर्मी पड़नी शुरू हो गई है और मौसम शुष्क बना हुआ है. वहीं राजधानी दिल्ली में भी गर्मी ने सितम ढ़ाना शुरू कर दिया है. दिल्ली में आज भी अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. अभी से दिल्ली में इतना ज्यादा तापमान है. ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली वालों की गर्मी से हालात खराब होने वाली है.
पहाड़ी राज्यों पर कैसा रहेगा मौसम?
पहाड़ी राज्यों के मौसम की बात करें तो उत्तराखंड के हरिद्वार और देहरादून में चटख धूप खिल रही है. तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. राजधानी देहरादून में सामान्य से अधिकत तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है. हालांकि, आसपास के इलाकों में बीच-बीच में बादलों की आवाजाही लगी हुई है और सुबह शाम की गुलाबी ठंड महसूस की जा रही है, लेकिन दिन के समय गर्मी से लोगों की हालत खराब हो जा रही है.

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विक्षोभ के एक्टिव न होने के चलते मैदानी इलाकों में अभी गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं है और तापमान में अभी बढ़ोतरी दर्ज की जाती रहेगी. वहीं पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी दर्ज की जा सकती है. इनमें उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के इलाके शामिल हैं, जहां कुछ जगहों पर हिमपात होने की भी संभावना है.
इन राज्यों में बारिश की संभावना
28 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, केरल और माहे में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. वहीं सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28 फरवरी से 1 मार्च तक हल्की बारिश हो सकती है. 3 और 4 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. इससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 और 5 मार्च को गुजरात के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है. इससे लोगों को असहजता और थकान महसूस हो सकती है. अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने का अनुमान है. उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 7 दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है और यह सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक रह सकता है. मध्य भारत में अगले 6 दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है.
अलग-अलग राज्यों का तापमान
पूर्वी भारत में अगले 3 दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री बढ़ सकता है और इसके बाद कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. महाराष्ट्र में अगले 4 दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ने के आसार हैं. गुजरात में अगले 24 घंटों में तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 5 दिनों में 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है. बीते 24 घंटों के दौरान अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई. असम, मेघालय, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी कई जगह बारिश हुई, जबकि देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा.
न्यूनतम तापमान की बात करें तो कई राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है. देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस पंजाब के बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया. अधिकतम तापमान के मामले में 26 फरवरी को तमिलनाडु के मदुरै में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा. मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों में ऊपरी हवा के चक्रवात और ट्रफ सक्रिय हैं. इसके अलावा 2 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे मौसम में फिर बदलाव आने की संभावना है.


