सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया के रूप में हुई थी। इस अभियान को Abhijeet Dipke ने 16 मई 2026 को शुरू किया था। पार्टी का नाम उस विवादित टिप्पणी से प्रेरित बताया जाता है, जिसमें Surya Kant ने सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान कुछ युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की थी।
हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी पूरे युवा वर्ग के लिए नहीं थी, लेकिन यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने CJP के साथ जुड़ना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड लोकप्रियता
कुछ ही दिनों में CJP ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर ली। इंस्टाग्राम पर इसके करोड़ों फॉलोअर्स हो गए, जिससे यह देश के कई स्थापित राजनीतिक दलों से भी अधिक चर्चा में आ गया।
पार्टी खुद को “Voice of the Lazy & Unemployed” यानी “आलसी और बेरोजगारों की आवाज” बताती है। हालांकि इसका स्वर व्यंग्यात्मक है, लेकिन इसके जरिए बेरोजगारी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, परीक्षा प्रणाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
युवाओं के मुद्दों को बनाया केंद्र
CJP ने हाल के महीनों में बेरोजगारी, ईंधन की बढ़ती कीमतों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को प्रमुख मुद्दा बनाया है। NEET, CUET, CBSE और SSC GD जैसी परीक्षाओं में सामने आए विवादों को लेकर संगठन लगातार आवाज उठा रहा है।
अभिजीत दिपके का कहना है कि करोड़ों छात्र अपने भविष्य को लेकर असमंजस और चिंता की स्थिति में हैं। उनका दावा है कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधारों की जरूरत है।
कई प्रमुख हस्तियों का समर्थन
इस अभियान को कई चर्चित सार्वजनिक हस्तियों और नेताओं का समर्थन भी मिला है। Akhilesh Yadav, Mahua Moitra और Kirti Azad जैसे नेताओं ने भी इस आंदोलन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
इसके अलावा प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने भी प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की इच्छा जताई है।
सोशल मीडिया से सड़क तक का सफर
शुरुआत में CJP केवल ऑनलाइन अभियान तक सीमित था, लेकिन बाद में संगठन ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान कर अपने आंदोलन को जमीनी स्तर पर ले जाने की कोशिश की। संगठन का कहना है कि उसका विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहेगा।
दिपके ने कई बार स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन किसी भी तरह की हिंसा या अराजकता का समर्थन नहीं करता और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात रखने में विश्वास करता है।
विवाद और चुनौतियां भी रहीं साथ
लोकप्रियता के साथ-साथ CJP को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। संगठन का X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट कुछ ही दिनों में प्रतिबंधित कर दिया गया। दिपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट हैक होने और ऑनलाइन धमकियां मिलने के आरोप भी लगाए।
इसके बावजूद CJP का अभियान लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब देखना होगा कि सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह व्यंग्यात्मक आंदोलन आने वाले समय में भारतीय राजनीति और युवा मुद्दों की बहस को कितना प्रभावित कर पाता है।


