विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के विकासखंड थलीसैंण में निर्माणाधीन, क्षतिग्रस्त और वन भूमि से संबंधित सड़कों को लेकर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को बूंगीधार स्थित लोनिवि अतिथि गृह में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में क्षेत्र की विभिन्न सड़कों की स्थिति और निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई।
समय पर पूरे हों सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और निर्माणाधीन सड़कों के कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने सड़क निर्माण में आ रही अड़चनों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को भी कहा, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
वन भूमि के मामलों में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में डॉ. धन सिंह रावत ने वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों की जानकारी डीएफओ से ली। उन्होंने कहा कि वन भूमि से जुड़े जिन मामलों में कार्रवाई लंबित है, उनमें आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी कर निस्तारण की कार्रवाई तेज की जाए।
उन्होंने कहा कि वन भूमि से जुड़ी औपचारिकताओं के कारण सड़क निर्माण कार्य अनावश्यक रूप से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता
कैबिनेट मंत्री ने लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। सड़कें न केवल गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ती हैं, बल्कि ग्रामीणों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच भी आसान बनाती हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुश्तों की मरम्मत में तेजी
मंत्री ने बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए सड़क मार्गों और ढह चुके पुश्तों की मरम्मत में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त पुश्तों का समय पर पुनर्निर्माण किया जाए, ताकि वाहनों की आवाजाही में किसी तरह की परेशानी न हो।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य अंजली जोशी, डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, उपजिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता लोनिवि बैजरो लोकेश सारस्वत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


