हरेला पर्व के अवसर पर गढ़वाल मंडलायुक्त ने कोटद्वार में प्रदेश सरकार के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का जन आंदोलन है।
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति का लिया जायजा
पौधारोपण कार्यक्रम के बाद मंडलायुक्त ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की समीक्षा की। निर्वाचन प्रेक्षक के रूप में उन्होंने अधिकारियों से मतदाता सूची के अद्यतन, प्राप्त दावों और आपत्तियों तथा बूथ स्तर पर चल रही गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) एवं उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार को निर्देश दिए कि विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर जनप्रतिनिधियों और सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं।
पारदर्शी और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया पर दिया जोर
मंडलायुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वास बनाए रखने के लिए सभी हितधारकों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करते हुए प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल कराया जाए और दावों व आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
मंडलायुक्त ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति पर चर्चा की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव और समस्याएं रखीं, जिन पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच बेहतर समन्वय से निर्वाचन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बन सकती है।
छह मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद मंडलायुक्त ने कोटद्वार क्षेत्र के छह मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल, बिजली, शौचालय, दिव्यांगजनों के लिए रैंप, पहुंच मार्ग और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी मतदान केंद्रों पर निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी की जाएं, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
इस अवसर पर वन विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।


