कोटद्वार: युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कोटद्वार के डॉ. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल हिमालयन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एक दिवसीय उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को करियर, स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़े विभिन्न विकल्पों की जानकारी दी गई।
सरकारी और निजी क्षेत्र के साथ स्वरोजगार के विकल्पों पर चर्चा
कार्यशाला में जिला उद्योग केंद्र की प्रबंधक उपासना सिंह ने विद्यार्थियों को सरकारी सेवा, निजी क्षेत्र और स्वरोजगार के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि, योग्यता और कौशल को ध्यान में रखते हुए करियर का चुनाव करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि युवा नौकरी पाने के साथ-साथ अपना व्यवसाय शुरू कर दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में सोचें।
शिक्षा के साथ कौशल विकास को बताया जरूरी
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.एस. नेगी ने कार्यशाला को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उपयोगी बताते हुए उन्हें उपलब्ध करियर और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। वहीं डॉ. गणेश चंद ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कौशल विकास पर भी ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बदलते समय और रोजगार की जरूरतों के अनुसार युवाओं को अपने कौशल को लगातार विकसित करना चाहिए।
बैंकिंग और वित्तीय सहायता की दी जानकारी
कार्यशाला में भारतीय रिजर्व बैंक के दर्शन उनियाल ने विद्यार्थियों को बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। भारतीय स्टेट बैंक के सौरभ बोहरा ने बैंकिंग सुविधाओं, वित्तीय सहायता और उद्यम शुरू करने के लिए उपलब्ध बैंकिंग सेवाओं के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। इस दौरान युवाओं को वित्तीय संसाधनों और बैंकिंग व्यवस्था की उपयोगिता समझाई गई।
सरकारी योजनाओं और उद्यम शुरू करने की प्रक्रिया समझाई
जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक देवेंद्र नाथ और आकांक्षा गुसाईं ने विद्यार्थियों को उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने आवश्यक पंजीकरण, स्वरोजगार की संभावनाओं और सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं तथा वित्तीय सहायता की जानकारी साझा की। विद्यार्थियों को बताया गया कि सही योजना, कौशल और वित्तीय संसाधनों के जरिए वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
पर्यटन क्षेत्र में भी युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं
पर्यटन विभाग के संजय नेगी ने विद्यार्थियों को पर्यटन आधारित रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों के जरिए आय के नए साधन विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। युवाओं को स्थानीय संसाधनों और क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को रोजगार के अवसर में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
युवाओं से आत्मनिर्भर बनने का किया आह्वान
कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता और कौशल के आधार पर भविष्य के विकल्प चुनने के लिए प्रेरित किया। सरकारी नौकरी और निजी क्षेत्र के विकल्पों के साथ ही स्वरोजगार और उद्यमिता को भी करियर के महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


