बहुजन समाज पार्टी में चल रही अंदरूनी हलचल के बीच मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने का ऐलान किया है. मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जिस तरह 3 सितंबर 2026 को आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद की सभी अहम जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था, उसी तरह अब उन्हें पार्टी से भी पूरी तरह अलग कर दिया गया है.
मायावती ने कहा कि अगर आकाश आनंद पार्टी में स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वह स्वतंत्र हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी के लोगों का मानना है कि आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर देना ही बेहतर है.
अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास पर भी बोलीं मायावती
मायावती ने आकाश आनंद के ससुर और अपने समधी अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से संन्यास लेना सही कदम है, लेकिन यह फैसला काफी देर से लिया गया है.
मायावती ने कहा कि अगर अशोक सिद्धार्थ ने यह फैसला पहले ही ले लिया होता तो बसपा, बहुजन समाज और बहुजन आंदोलन को विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता. उनका कहना है कि इसके चलते उन्हें भी पार्टी और आंदोलन के व्यापक हित में आकाश आनंद को लेकर कई बार कड़े फैसले लेने की जरूरत नहीं पड़ती.
मायावती ने ससुर-दामाद पर साधा निशाना
बसपा सुप्रीमो ने अपने पोस्ट में अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद दोनों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर अशोक सिद्धार्थ को आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य के साथ-साथ बसपा और बहुजन आंदोलन की सच में चिंता होती तो उन्हें काफी पहले ही राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए था.
मायावती ने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ की राजनीति और महत्वाकांक्षा पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से आकाश आनंद की पार्टी और आंदोलन के लिए सक्रियता भी प्रभावित हुई.
आकाश आनंद के रिपोस्ट को लेकर उठाया सवाल
मायावती ने यह भी कहा कि आकाश आनंद ने उनके एक्स अकाउंट से की गई उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं किया, जिसमें उनके ही हित की बात कही गई थी. मायावती के मुताबिक, इससे पहले आकाश आनंद उनकी पोस्ट को रिपोस्ट करते रहे हैं और अपनी वफादारी दिखाते रहे हैं.
मायावती ने सवाल उठाया कि क्या आकाश आनंद और अशोक सिद्धार्थ के लिए पार्टी और बहुजन आंदोलन से ज्यादा निजी और पारिवारिक हित महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि बसपा ने इन दोनों समेत कई लोगों को आगे बढ़ने का मौका दिया है, इसलिए उन्हें पार्टी और नेतृत्व के प्रति आभारी होना चाहिए.
निजी रिश्तों को पार्टी से ऊपर रखने का आरोप
मायावती ने कहा कि अगर आकाश आनंद पार्टी और आंदोलन के हितों से ज्यादा अपने रिश्तों को महत्व दे रहे हैं तो उनके पार्टी के लिए पूरी तरह काम करने पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में यह भी सवाल है कि क्या आकाश आनंद पार्टी और आंदोलन के हित में सही फैसले ले पाएंगे.
इसी वजह से पार्टी के लोगों की राय है कि आकाश आनंद को पार्टी से अलग कर देना बेहतर है. मायावती ने साफ कहा कि अब आकाश आनंद पार्टी से बाहर रहकर स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं.
बसपा नेताओं से मायावती की अपील
मायावती ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से विरोधियों की रणनीतियों का मजबूती से सामना करने की अपील की. उन्होंने खास तौर पर उत्तर प्रदेश में फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करने को कहा.
मायावती ने कहा कि बसपा का लक्ष्य ‘सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय’ के साथ मजबूत कानून-व्यवस्था और बेहतर विकास वाली सरकार बनाना है. पार्टी के सभी लोगों को इसी लक्ष्य को सबसे ऊपर रखना चाहिए.


