मुरादाबाद के मुगलपुरा थाना क्षेत्र में जामा मस्जिद चौराहे के पास शनिवार दोपहर एक पुराना दो मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि प्रशासन ने करीब 30 घंटे पहले ही मकान को जर्जर घोषित कर खाली करा लिया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
54 साल पुराना था जर्जर भवन
बताया गया कि यह भवन वर्ष 1982 में बनाया गया था। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर सात दुकानें संचालित हो रही थीं, जबकि ऊपरी मंजिलों पर सरफराज और सरताज अपने परिवारों के साथ रहते थे। मकान में कुल आठ लोग रह रहे थे।
दरारें पड़ने के बाद बढ़ी चिंता
बीते दिनों मकान में दरारें आने लगी थीं और भवन एक ओर झुकता हुआ भी दिखाई देने लगा था। स्थानीय लोगों ने संभावित खतरे को भांपते हुए पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना दी। इसके बाद अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और भवन की स्थिति का निरीक्षण किया।
प्रशासन ने समय रहते कराया मकान खाली
शुक्रवार सुबह प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने नगर निगम एवं तहसील की टीम के साथ कार्रवाई करते हुए मकान में रह रहे दोनों परिवारों को बाहर निकाला। इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद सात दुकानों को भी खाली करा दिया गया और भवन को जर्जर घोषित करते हुए नोटिस चस्पा किया गया।
पड़ोसियों की सतर्कता भी आई काम
स्थानीय लोगों ने भी मकान की खतरनाक स्थिति को पहले ही भांप लिया था। पड़ोस में रहने वाले लोगों का कहना था कि मकान में लगातार बढ़ रही दरारों से उन्हें हादसे की आशंका थी। एक पड़ोसी ने दरार पर कागज लगाकर उसकी स्थिति पर नजर रखी थी, जो अगले दिन फटा हुआ मिला। इसके बाद खतरे को और गंभीरता से लिया गया।
मकान के आसपास की सड़क कर दी गई थी बंद
संभावित हादसे को देखते हुए प्रशासन ने मकान के सामने वाली सड़क पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी थी। आसपास के लोगों को भी सतर्क कर दिया गया था ताकि मकान गिरने की स्थिति में कोई इसकी चपेट में न आए।
बारिश शुरू होते ही ढह गया पूरा भवन
शनिवार दोपहर करीब तीन बजे क्षेत्र में बारिश शुरू हुई। लोगों की नजर पहले से ही जर्जर मकान पर थी। इसी दौरान अचानक मकान भरभराकर गिरने लगा और कुछ ही क्षणों में पूरा भवन मलबे में तब्दील हो गया।
बिजली के खंभे और तार भी मलबे की चपेट में आए
मकान गिरने के दौरान आसपास लगे बिजली के तार और खंभे भी मलबे की चपेट में आ गए। इसके चलते पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और नगर निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू कराया गया।
प्रशासन की सतर्कता से बची कई जानें
अगर मकान को समय रहते खाली नहीं कराया गया होता तो हादसा बेहद गंभीर हो सकता था। भवन में दो परिवारों के आठ सदस्य रहते थे और नीचे सात दुकानें भी संचालित होती थीं। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और स्थानीय लोगों की सतर्कता ने संभावित जनहानि को टाल दिया।
मकान गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
मकान गिरने के दौरान कई लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में दो मंजिला इमारत को धीरे-धीरे गिरते हुए और दूर तक मलबा फैलते देखा जा सकता है। घटना के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
एक दिन पहले खाली कराया, अगले दिन गिर गया मकान
मुरादाबाद की यह घटना प्रशासन की समय पर की गई कार्रवाई का बड़ा उदाहरण बन गई। मकान में दरार दिखते ही स्थानीय लोगों ने खतरे को नजरअंदाज नहीं किया और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। नतीजा यह रहा कि 54 साल पुराना भवन गिरने के बावजूद किसी की जान नहीं गई।


