काठमांडू: नेपाल और तिब्बत में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, आपदा में अब तक 175 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1,500 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें लगभग 300 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार अभी आपदा से हुए नुकसान का पूरा आकलन करने में जुटी है। लापता लोगों में करीब 800 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। हजारों परिवारों के घर तबाह हो गए हैं और कई लोग अब तक लापता हैं।
हिमालय में हिमस्खलन के बाद आई तबाही
फ्लैश फ्लड बुधवार को नेपाल के रसुवा, धादिंग और नुवाकोट जिलों में आई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्र में संभावित हिमस्खलन के कारण ल्हेंदे नदी की सहायक धारा का प्रवाह बाधित हुआ और अचानक भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर बह निकला।
बाढ़ का सबसे पहला बड़ा असर तिब्बत सीमा के पास रसुवागढ़ी के नजदीक स्थित तिमुरे में देखने को मिला। इसके बाद पानी और मलबे का तेज बहाव निचले इलाकों की ओर बढ़ गया।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पानी और मलबे की भयावह धारा दिखाई दे रही है। कई घर, सड़कें और पावर प्रोजेक्ट बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
तिब्बत में भी भारी नुकसान
तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है। चीन के सरकारी प्रसारक CCTV के अनुसार, वहां 558 लोग लापता बताए गए हैं, जिनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
ग्यिरोंग पोर्ट के पास मडस्लाइड के बाद कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 265 लोग अभी लापता बताए गए हैं।
300 भारतीयों के लापता होने की खबर
नेपाल में लापता लोगों में बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की भी है। इससे पहले नेपाली अधिकारियों ने 133 भारतीयों और 37 NRI के लापता होने की जानकारी दी थी। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री भी शामिल बताए गए हैं।
नेपाल पुलिस का कहना है कि रेस्क्यू टीमों ने दोबारा तलाश शुरू कर दी है और जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ेगा, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
भारत ने भेजी राहत सामग्री
आपदा के बाद भारत ने नेपाल के लिए राहत अभियान तेज कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि 37.5 टन मानवीय सहायता, आपदा राहत सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट लेकर दूसरी उड़ान नेपाल के लिए रवाना हुई है।
इससे पहले बुधवार रात भारतीय वायुसेना का C-130J विमान करीब 10 टन जरूरी राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा था। इसमें अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और जरूरी दवाइयां शामिल थीं।
भारतीय दूतावास ने नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
5 हजार से ज्यादा जवान रेस्क्यू में जुटे
नेपाल सेना के प्रवक्ता राजा राम बस्नेत के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान में 5,000 से ज्यादा सेना और पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। गुरुवार को रेस्क्यू टीमों ने 125 लोगों को बचाया, जिनमें 20 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में हेलिकॉप्टरों के जरिए भारत की ओर से उपलब्ध कराए गए टेंट, भोजन और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।
नेपाल के PM ने किया बाढ़ प्रभावित नुवाकोट का दौरा
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह गुरुवार सुबह सड़क मार्ग से बाढ़ प्रभावित नुवाकोट पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ राहत, बहाली और बंद पड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को दोबारा शुरू करने को लेकर चर्चा की।
फिलहाल नेपाल और तिब्बत में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हजारों लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाना है।


