पौड़ी गढ़वाल में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 की तैयारियों को लेकर अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी एफ.आर. चौहान की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में SIR के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने पर जोर
अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य निर्वाचक नामावली को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।
उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे। साथ ही अपात्र और डुप्लीकेट प्रविष्टियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाए। निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित नियमों का गंभीरता से पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
छह विधानसभा क्षेत्रों में 1.39 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस
बैठक में बताया गया कि जनपद की सभी छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में विसंगति एवं मानचित्रण नहीं होने की श्रेणी के कुल 1,39,967 मतदाताओं को नोटिस वितरित किए गए थे।
इन सभी मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली गई है।
2,623 मतदाता पाए गए अपात्र
सुनवाई के दौरान 2,623 मतदाता अंतिम निर्वाचक नामावली में शामिल किए जाने के लिए अपात्र पाए गए। वहीं, 1,37,289 मामलों को अंतिम निर्वाचक नामावली के प्रकाशन के लिए रखा गया है।
यह प्रक्रिया मतदाता सूची से अपात्र प्रविष्टियों को हटाने और पात्र मतदाताओं की सही जानकारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
Form-6, 7 और 8 के दावों और आपत्तियों का निस्तारण
SIR अवधि के दौरान प्राप्त Form-6, Form-7 और Form-8 से जुड़े दावे एवं आपत्तियों का भी नियमानुसार निस्तारण किया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि राजनीतिक दलों को प्रारूप-9, 10, 11, 11A और 11B से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। संबंधित विवरण जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
अपर जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से SIR प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे।
साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अपात्र प्रविष्टियां अंतिम सूची में शामिल न हों।
15 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आलेख्य निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 14 जुलाई 2026 को किया जा चुका है।
दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक निर्धारित थी। नोटिस चरण में दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तिथि 11 सितंबर है।
इसके बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी।
अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सहायक निर्वाचन अधिकारी एस.एल. शाह, खंड शिक्षा अधिकारी मास्टर आदर्श, सुरेंद्र सिंह रावत, बीरेंद्र सिंह रावत और जगमोहन रावत सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


