पौड़ी गढ़वाल में कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों की दक्षता आधारित आकलन परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। परीक्षा 7 सितंबर को जनपद के सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आयोजित की जाएगी। तैयारियों को लेकर डायट चड़ीगांव में मुख्य शिक्षा अधिकारी अत्रेश सयाना की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें परीक्षा को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से कराने के निर्देश दिए गए।
परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता पर जोर
बैठक में अधिकारियों को आकलन प्रक्रिया की शुचिता, पारदर्शिता और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्यालय प्रबंधन समितियों और अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को प्रार्थना सभा के दौरान परीक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी देने को कहा गया।
दूरस्थ क्षेत्रों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था
पौड़ी के दूरस्थ क्षेत्रों में खराब मौसम या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में परीक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की वैकल्पिक ऑनलाइन व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए। आकलन के दिन सभी विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
इन कक्षाओं के विद्यार्थियों का होगा आकलन
7 सितंबर को कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों की दक्षता आधारित आकलन परीक्षा होगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षिक दक्षताओं का मूल्यांकन करना है। प्रश्नपत्रों में केवल रटने की क्षमता के बजाय विद्यार्थियों की समझ, विषयों के अनुप्रयोग और उच्च स्तरीय चिंतन कौशल को परखने वाले प्रश्न शामिल किए जाएंगे।
किस कक्षा में कौन से विषय?
कक्षा 2 में हिन्दी और गणित का आकलन होगा। कक्षा 5 में हिन्दी, गणित और हमारे आसपास विषय शामिल होंगे। वहीं कक्षा 8 में हिन्दी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान का बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से आकलन किया जाएगा।
विशेषज्ञ तैयार करेंगे प्रश्नपत्र
डायट के प्राचार्य स्वराज सिंह तोमर ने बताया कि दक्षता आधारित आकलन के प्रश्नपत्र विषय विशेषज्ञ समूहों द्वारा तैयार किए जाएंगे। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी और उप शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से बीआरपी एवं सीआरपी के सहयोग से संबंधित विद्यालयों तक प्रश्नपत्र पहुंचाए जाएंगे।
आकलन के बाद होगा सुधारात्मक शिक्षण
परीक्षा के बाद विद्यार्थियों की प्रगति का विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर उनकी शैक्षिक जरूरतों को चिन्हित कर उपचारात्मक शिक्षण कराया जाएगा। इसके बाद 28 सितंबर को दोबारा दक्षता आधारित आकलन होगा।
25 दिसंबर तक चलेगी पूरी प्रक्रिया
विभाग के अनुसार पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से 25 दिसंबर तक संचालित की जाएगी। इसका एक प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2027 में प्रस्तावित राष्ट्रीय सर्वेक्षण के लिए विद्यार्थियों और विद्यालयों की तैयारियों को मजबूत करना भी है।


