देहरादून में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है. राजधानी में एलिवेटेड ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) परियोजना को लागू करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है. यदि यह प्रोजेक्ट धरातल पर उतरता है, तो यह देश का पहला ऐसा मॉडल होगा जिसमें सड़क के ऊपर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाकर विशेष इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा.
इस परियोजना के तहत शहर की सड़कों के ऊपर पिलर आधारित ट्रैक तैयार किया जाएगा, जिस पर उच्च क्षमता वाली इलेक्ट्रिक बसें संचालित होंगी. ये बसें सामान्य ट्रैफिक से पूरी तरह अलग होंगी, जिससे उन्हें बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से चलाया जा सकेगा. इस व्यवस्था से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, बल्कि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन विकल्प भी मिलेगा.
योजना से कितना होगा फायदा
सरकार इस प्रोजेक्ट को मेट्रो का किफायती विकल्प मान रही है. मेट्रो परियोजनाओं की तुलना में एलिवेटेड ई-बीआरटीएस कम लागत में तैयार किया जा सकता है और इसका निर्माण भी अपेक्षाकृत कम समय में संभव है. यही वजह है कि इसे एक व्यवहारिक और प्रभावी समाधान के रूप में देखा जा रहा है. इस परियोजना का दायरा केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे हरिद्वार और ऋषिकेश से जोड़ने की भी योजना है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी.
वैश्विक स्तर पर इस तरह के मॉडल का सफल उदाहरण चीन के Xiamen शहर में देखने को मिलता है, जहां वर्ष 2008 में एलिवेटेड बीआरटीएस प्रणाली की शुरुआत की गई थी. सीमित स्थान, बढ़ते ट्रैफिक दबाव और शहरी विस्तार जैसी चुनौतियों से जूझ रहे शहरों के लिए यह मॉडल प्रभावी साबित हुआ है. देहरादून की भौगोलिक परिस्थितियां भी काफी हद तक इसी प्रकार की हैं, जहां सड़क चौड़ीकरण की सीमित संभावनाएं हैं और ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी बसें
ई-बीआरटीएस के तहत संचालित होने वाली बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी. इन बसों में करीब 150 यात्रियों की क्षमता होगी और इन्हें मेट्रो जैसी भीड़ को संभालने के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा. बसों में 3 से 4 बड़े दरवाजे होंगे, जिससे यात्रियों का चढ़ना-उतरना तेज और आसान हो सकेगा. इसके अलावा, ये बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा. यात्रियों की सुविधा के लिए इनमें एयर कंडीशनिंग, डिजिटल डिस्प्ले और ऑफ-बोर्ड टिकटिंग जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
प्रदेश सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर नजर आ रही है और इसे जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. यदि यह योजना सफल होती है, तो देहरादून देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां स्मार्ट और टिकाऊ शहरी परिवहन का नया मॉडल विकसित किया गया है.


