प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी नेताओं से मुलाकात के दौरान गले मिलने की शैली पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के पुराने नेताओं की तस्वीरें साझा की हैं. इसके साथ ही भाजपा के कई नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा.
निशिकांत दुबे ने शेयर कीं पुरानी तस्वीरें
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की क्यूबा के क्रांतिकारी नेता फिदेल कास्त्रो और फिलिस्तीनी नेता यासिर अराफात के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं. उन्होंने इसके साथ लोकसभा में वर्ष 2018 के दौरान राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाने वाली चर्चित तस्वीर भी पोस्ट की.
दुबे ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए सवाल उठाया और उनके बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी. इंदिरा गांधी और कास्त्रो की मुलाकात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है.
राहुल गांधी ने PM मोदी की विदेश नीति पर साधा निशाना
दरअसल, राहुल गांधी ने गुरुवार को ‘रचनात्मक कांग्रेस’ के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि प्रधानमंत्री को यह विचार कहां से आया कि विदेश नीति विश्व नेताओं को गले लगाने के बारे में है.
अपनी बात को समझाने के लिए राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया. इसी दौरान संदीप दीक्षित ने जॉर्जिया मेलोनी से जुड़ी टिप्पणी की, जिस पर राहुल गांधी ने भी जवाब दिया. इस बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर निशाना साधना शुरू कर दिया.
भाजपा ने भाषा और मर्यादा को लेकर घेरा
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का अपमान करना उन करोड़ों मतदाताओं का भी अपमान है, जिन्होंने नरेंद्र मोदी को लगातार तीन बार प्रधानमंत्री चुना है.
उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीतिक अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए.
बांसुरी स्वराज ने भी किया हमला
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी की टिप्पणी को लोकसभा में विपक्ष के नेता पद की गरिमा के विपरीत बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सोशल मीडिया पर मीम्स और रील्स के लिए सस्ती बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि विपक्ष के नेता के तौर पर उनसे रचनात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा की जाती है.
महिला मोर्चा ने भी जताई आपत्ति
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनाथी श्रीनिवासन ने भी राहुल गांधी के बयान की आलोचना की. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने विरोधियों की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन महिलाओं का अपमान करना या सार्वजनिक जीवन को अशोभनीय मजाक तक सीमित करना उचित नहीं है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के संदर्भ में की गई टिप्पणी को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया.
बयान के बाद बढ़ा सियासी विवाद
राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है. भाजपा नेताओं ने जहां राहुल गांधी की भाषा और टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं, वहीं यह विवाद सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में है.
मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी नेताओं से मुलाकात और उनके साथ गले मिलने की तस्वीरें पहले भी राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा रही हैं. वहीं भाजपा ने राहुल गांधी की अपनी पुरानी तस्वीरों को सामने रखकर उनके बयान पर पलटवार किया है.


