सोनम वांगचुक ने अस्पताल से जारी संदेश में कहा- तीन शर्तें पूरी होने पर ही अनशन तोड़ेंगे. जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं वांगचुक.
सोनम वांगचुक ने अस्पताल से अपने समर्थकों के लिए एक हाथ से लिखा संदेश जारी किया है. इसमें उन्होंने कहा कि वह 20 जुलाई को अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे, लेकिन इसके लिए उन्होंने तीन शर्तें रखी हैं. उन्होंने कहा कि इन तीन में से कोई एक शर्त पूरी होने पर ही वह अनशन तोड़ेंगे.
क्या हैं तीन शर्तें?
वांगचुक ने अपने संदेश में लिखा कि वह अनशन तब खत्म करेंगे, अगर:
- सरकार शिक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ियों, खासकर पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे.
- या फिर वह और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता संसद तक पहुंचें और वहां सभी दलों के सांसद भरोसा दें कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे.
- अगर उनकी तबीयत संसद जाने की इजाजत नहीं देती, तो अलग-अलग दलों के सांसद और नेता अस्पताल आकर उन्हें यह भरोसा दें कि वे संसद में यह मुद्दा उठाएंगे.
अस्पताल से क्या कहा?
वांगचुक ने अपने नोट में लिखा कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में “गैरकानूनी तरीके से रोका गया है.” उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी आवाजाही, बोलने और लोगों से संपर्क करने की आजादी सीमित कर दी गई है.
28 जून से कर रहे हैं भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं. उनकी मांग है कि पेपर लीक जैसे मामलों में जिम्मेदारी तय हो और शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है.


