नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही के बाद राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। इस मुश्किल घड़ी में भारत की ओर से भी मदद पहुंचाई जा रही है। इसी क्रम में बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद मंगलवार को राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचे। उनके साथ सूद चैरिटी फाउंडेशन की टीम भी मौजूद रही।
भोजन और कंबल लेकर पहुंची टीम
सोनू सूद की टीम भारत से प्रभावित लोगों के लिए भोजन और कंबल लेकर नेपाल पहुंची है। काठमांडू पहुंचने के बाद सोनू सूद ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संकट के समय नेपाल के लोगों के साथ खड़ा होना एक मानवीय जिम्मेदारी है।
नुवाकोट के प्रभावित इलाकों में पहुंचे सोनू सूद
काठमांडू के बाद बुधवार को सोनू सूद बाढ़ प्रभावित नुवाकोट के क्षेत्रों में भी पहुंचे। यहां उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी। सोनू सूद ने कहा कि जरूरत के अनुसार प्रभावित लोगों तक आगे भी सहायता पहुंचाई जाएगी।
सिर्फ राहत नहीं, पुनर्वास पर भी फोकस
सोनू सूद ने बताया कि उनकी टीम आने वाले महीनों में भी नेपाल के प्रभावित लोगों की मदद जारी रखेगी। राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ बाढ़ में घर गंवाने वाले परिवारों के पुनर्वास और घरों के पुनर्निर्माण में भी सहयोग करने की योजना है।
भारत की ओर से लगातार पहुंच रही मदद
नेपाल में आई आपदा के बाद भारत सरकार के साथ-साथ विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से भी राहत एवं बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं। नेपाल सरकार के अनुसार भारत समेत कई मित्र देशों से राहत सहायता प्राप्त हुई है। प्रभावित रसुवा, नुवाकोट और धादिंग क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
सोनौली सीमा भी बनी अहम केंद्र
भारत-नेपाल के बीच आवागमन के प्रमुख केंद्र सोनौली सीमा की भूमिका भी आपदा के बाद राहत एवं मानवीय सहायता के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गई है। सीमा के जरिए दोनों देशों के नागरिकों की आवाजाही होती है। ऐसे में नेपाल के प्रभावित लोगों तक भारत से पहुंच रही सहायता को दोनों देशों के मानवीय संबंधों की मजबूती से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
आपदा ने छोड़ा गहरा असर
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा से बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई लोगों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है। ऐसे समय में राहत सामग्री और मानवीय सहायता प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी उम्मीद बन रही है।


