उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन, सड़क धंसने और मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। रविवार को प्रदेशभर में 103 सड़कें बंद हो गईं, जबकि कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग दूसरे दिन भी बाधित रहा। मौसम विभाग ने सोमवार को भी कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। एहतियात के तौर पर सात जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
देहरादून समेत कई जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। वहीं नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में भी भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।
103 सड़कें बंद, यात्रियों को भारी परेशानी
लगातार बारिश के चलते पहाड़ों से मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से रविवार को प्रदेशभर में 103 सड़कें बंद हो गईं। कई इलाकों में यातायात पूरी तरह ठप रहा और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। सड़कें खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं।
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग अब भी बंद
भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला तवाघाट-गुंजी मार्ग गर्बाधार-शांतिवन के पास भारी भूस्खलन और बोल्डर गिरने के कारण दूसरे दिन भी बंद रहा। लगातार मलबा आने से कैलास मानसरोवर यात्रा प्रभावित हुई है और मार्ग बहाल करने का काम जारी है।
यमुनोत्री हाईवे 12 घंटे बाद खुला
उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी में भारी बारिश के कारण बंद हुआ यमुनोत्री हाईवे करीब 12 घंटे बाद यातायात के लिए खोला गया। इससे पहले पालीगाड़ क्षेत्र में भी सात घंटे तक सड़क बंद रही। प्रशासन ने मलबा हटाकर आवाजाही बहाल कराई।
दून-मसूरी रोड पर भूस्खलन
देहरादून-मसूरी मार्ग पर ग्लोगी पावर हाउस और मैगी प्वाइंट के पास दो स्थानों पर भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात रोकना पड़ा। राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर सड़क दोबारा खोल दी।
सात जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल और चंपावत जिलों में सोमवार को कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए सभी जिलों के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी भूस्खलन, सड़क बंद होने या अन्य आपदा की स्थिति बने, वहां राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जाएं। साथ ही सड़क, बिजली, पेयजल और संचार जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने प्रदेशवासियों और चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।


