उत्तर प्रदेश के बांदा में एक निजी आवासीय स्कूल में 8 और 12 साल के दो छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि दोनों बच्चों ने बीमार पड़ने से कुछ घंटे पहले मोमोज और चटनी खाई थी। पुलिस को फूड पॉइजनिंग की आशंका है, हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना कोतवाली नगर क्षेत्र के झील का पुरवा स्थित एक निजी आवासीय स्कूल की है, जहां दोनों बच्चे हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। मृतकों की पहचान 12 वर्षीय नितिन और 8 वर्षीय अरुण कुमार के रूप में हुई है।
रात में अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के मुताबिक, रविवार देर रात दोनों बच्चों की अचानक तबीयत खराब हो गई। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दूसरे को बांदा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया।
मोमोज खाने के बाद पेट में हुआ तेज दर्द
परिजनों के मुताबिक, दोनों बच्चों ने 16 अगस्त की शाम मोमोज और फिंगर चटनी खाई थी। इसके कुछ घंटे बाद दोनों को तेज पेट दर्द हुआ और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
परिजनों ने खाने से तबीयत खराब होने की आशंका जताई है। पुलिस भी फूड पॉइजनिंग की संभावना को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम से पता चलेगी मौत की वजह
बांदा के एएसपी शिवराज ने बताया कि आवासीय स्कूल में रात के दौरान दो बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी। स्कूल प्रबंधन ने दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
घटना के बाद स्कूल में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बच्चों की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।


