जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों के नाम पहला संदेश जारी किया है. उन्होंने अपनी अस्पताल में भर्ती को “अवैध हिरासत” बताया और समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की है.
पत्नी के जरिए भेजा संदेश.
59 वर्षीय वांगचुक ने यह संदेश अपनी पत्नी गीतांजली जे. अंगमो के माध्यम से भेजा. यह संदेश एक कागज पर लिखकर साझा किया गया, जिसकी तस्वीर उनके एक्स अकाउंट पर पोस्ट की गई. संदेश में उन्होंने CJP के आंदोलन को “भारत का दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन” बताया और देश को “भयमुक्त” व “अन्यायमुक्त” बनाने की बात कही.
पेपर लीक समेत कई मुद्दों का जिक्र.
वांगचुक ने अपने संदेश में पेपर लीक जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया, जो उनके अनशन का प्रमुख कारण रहा है. उन्होंने कहा कि देश को अन्याय से मुक्ति दिलाने की जरूरत है. उन्होंने अपनी कथित “अवैध हिरासत” को भी इसी लड़ाई से जोड़ते हुए लोगों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की.
संसद मार्च पर संशय बरकरार.
हालांकि, 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, शनिवार तक CJP ने मार्च की अनुमति के लिए आवेदन नहीं किया था. पुलिस का कहना है कि संसद के मानसून सत्र को देखते हुए अनुमति मिलने की संभावना भी कम है.
स्वास्थ्य पर अस्पताल का अपडेट.
सफदरजंग अस्पताल ने रविवार को जारी हेल्थ बुलेटिन में कहा कि सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल दी जा रही है और विशेषज्ञों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है. अस्पताल के अनुसार, उनके जरूरी स्वास्थ्य संकेतक फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन लंबे समय तक उपवास के कारण रक्त संबंधी कुछ पैरामीटर सामान्य से थोड़ा प्रभावित हैं, इसलिए उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता है.
इससे पहले अस्पताल ने बताया था कि वांगचुक ने डॉक्टरों की सलाह के बावजूद इंट्रावेनस फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन और अन्य दवाएं लेने से इनकार कर दिया था. वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्हें विशेषज्ञों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जरूरी चिकित्सकीय देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया.


