भारत के अंडरवर्ल्ड की कहानी में कई ऐसे नाम रहे हैं, जिनका अपराध की दुनिया में लंबे समय तक दबदबा रहा। मुंबई से लेकर विदेशों तक फैले नेटवर्क और संगठित अपराध के कारण ये गैंगस्टर चर्चा में रहे।
दाऊद इब्राहिम
अंडरवर्ल्ड की दुनिया में दाऊद इब्राहिम का नाम सबसे चर्चित रहा है। डी-कंपनी से जुड़े उसके नेटवर्क पर लंबे समय से तस्करी, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगते रहे हैं।
लॉरेंस बिश्नोई
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों के चलते सामने आया है। उसका नेटवर्क भारत के अलावा विदेशों तक सक्रिय होने के दावे किए जाते रहे हैं।
छोटा राजन
छोटा राजन मुंबई अंडरवर्ल्ड का चर्चित नाम रहा है। दाऊद से अलग होने के बाद उसका अपना नेटवर्क बना और लंबे समय तक वह सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहा।
अबू सलेम
अबू सलेम का नाम डी-कंपनी से जुड़ी गतिविधियों और 1993 मुंबई धमाकों के मामले में सामने आया। पुर्तगाल से प्रत्यर्पण के बाद उसे भारत लाया गया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई।
गोल्डी बराड़
गोल्डी बराड़ का नाम लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क के संदर्भ में सामने आता रहा है। कई गंभीर आपराधिक मामलों में जांच एजेंसियां उसका नाम ले चुकी हैं।
करीम लाला
करीम लाला मुंबई के पुराने अंडरवर्ल्ड के प्रमुख नामों में गिना जाता था। 1970 और 1980 के दशक में उसका नाम मुंबई के अपराध जगत में काफी चर्चित रहा।
हाजी मस्तान
हाजी मस्तान मुंबई के शुरुआती दौर के चर्चित अंडरवर्ल्ड चेहरों में से एक था। तस्करी के कारोबार से उसका नाम जुड़ा रहा और बाद में उसने राजनीति में भी कदम रखा।
वरदराजन मुदलियार
वरदराजन मुदलियार का नाम मुंबई के पुराने अंडरवर्ल्ड से जुड़ा रहा है। धारावी और आसपास के इलाकों में उसके प्रभाव की चर्चा लंबे समय तक होती रही।
छोटा शकील
छोटा शकील को दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगियों में गिना जाता है। उसका नाम डी-कंपनी के संचालन और कई आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में सामने आया।
रवि पुजारी
रवि पुजारी का नाम रंगदारी और धमकी के कई मामलों में सामने आया। वह लंबे समय तक भारत से बाहर रहा और बाद में उसे भारत लाया गया।
अंडरवर्ल्ड की दुनिया में बदले अपराध के तरीके
पुराने दौर में मुंबई अंडरवर्ल्ड का दबदबा मुख्य रूप से तस्करी, रंगदारी और अवैध कारोबार से जुड़ा था। समय के साथ अपराध के तरीके और नेटवर्क भी बदले हैं। आज गैंग नेटवर्क सोशल मीडिया, विदेशों में बैठे सहयोगियों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए भी नजर आते हैं।


