कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित ‘प्रोटेस्ट 2.0’ से पहले दिल्ली पुलिस ऐक्शन मोड में नजर आ रही है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना के बीच अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और सीजेपी की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह समेत 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर है. यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम स्थित उनके घर से डिटेन किए जाने का दावा किया गया है. नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इस बीच सड़कों पर कीलें लगाए जाने के वीडियो भी सामने आए हैं.
विमान से उतरते ही सीजेपी नेताओं को हिरासत में लिया
सीजेपी नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे. वे जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने आए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान से उतरते ही दिल्ली पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया. पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है.
दीपके बोले- हम गिरफ्तारी देने आए हैं
सीजेपी की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में अभिजीत दीपके विमान के अंदर मौजूद पुलिस अधिकारियों से कहते सुनाई दे रहे हैं, “हम यहां गिरफ्तारी देने के लिए आए हैं, आइए और हमें गिरफ्तार कीजिए.” यह वीडियो हिरासत में लिए जाने से पहले का बताया जा रहा है.
रत्ना सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
सीजेपी की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह को भी सुबह हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है. उनके मुताबिक, पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे थे. जब उन्होंने आधिकारिक नोटिस के बारे में पूछा, तो पुलिस ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें हिरासत में लेने के लिए ऊपर से आदेश हैं. सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस बार-बार उन्हें कार से बाहर निकलने के लिए कह रही थी और उन्हें घर पर ही नजरबंद करने की कोशिश की जा रही थी. उन्होंने इस कार्रवाई को सड़क पर अवैध हिरासत बताया.
राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार और सरकार जाएगी
इस घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ज्ञानेश कुमार जाएंगे. यह सरकार जाएगी. फिर लोकतंत्र को दुरुस्त करने का काम शुरू होगा.”
फिलहाल, प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए गए लोगों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और हिरासत में लिए गए सभी लोगों की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है.


