लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्मारक को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा, वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनके दौरे को राजनीतिक नाटक करार दिया. इससे पहले ओम प्रकाश राजभर भी JPNIC की लागत को लेकर सवाल उठा चुके हैं.
‘सरकार स्मारक से भी मुनाफा कमाना चाहती है’
जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर JPNIC पहुंचे अखिलेश यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था और उनके आंदोलन से देश में परिवर्तन आया. उन्होंने समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाया और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी.
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान नहीं करती. उन्होंने कहा, “हमने जयप्रकाश की याद में इतना बड़ा स्मारक बनाया, लेकिन सरकार इसे भी बेच रही है.”
सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार के लिए विचारधारा से ज्यादा पैसा महत्वपूर्ण हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग लोगों को पीड़ा दे रहे हैं और इससे पीडीए का विस्तार होगा. अखिलेश ने दावा किया कि सरकार के पास अब 45 से 50 दिन ज्यादा नहीं बचे हैं और परिवर्तन होना तय है.
ब्रजेश पाठक बोले- अखिलेश यादव का प्रदर्शन सिर्फ नाटक
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार किया. उन्होंने उनके प्रदर्शन को नाटक बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी महापुरुषों और डॉ. राममनोहर लोहिया व जयप्रकाश नारायण के नाम का इस्तेमाल अपने कामकाज पर उठने वाले सवालों से ध्यान हटाने के लिए करती है.
ब्रजेश पाठक ने JPNIC की निर्माण लागत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस परियोजना की शुरुआती लागत 17 करोड़ रुपये बताई गई थी, वह बढ़कर 850 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गई. उन्होंने परियोजना में फाइव स्टार सुविधाओं और स्विमिंग पूल के निर्माण को लेकर भी सवाल खड़े किए.
डिप्टी सीएम ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई ऐसी सुविधाओं पर खर्च होनी चाहिए या नहीं, इसका जवाब अखिलेश यादव को देना चाहिए. उन्होंने JPNIC को बेचने के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन के लिए इसे लीज पर दिया गया है, ताकि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल हो सके.
ओम प्रकाश राजभर ने भी उठाए सवाल
JPNIC को लेकर योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी अखिलेश यादव पर निशाना साध चुके हैं. उन्होंने परियोजना पर खर्च हुई रकम का हिसाब मांगते हुए सवाल किया कि जब JPNIC पर 864 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही जा रही है, तो निर्माण कार्य अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ.
राजभर ने आरोप लगाया कि परियोजना की लागत लगातार बढ़ती गई, लेकिन काम अधूरा रहा. उन्होंने अखिलेश यादव से जनता के पैसे का हिसाब देने की मांग की.
JPNIC को लेकर सपा और बीजेपी नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. एक ओर अखिलेश यादव सरकार पर स्मारक को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी नेता परियोजना की लागत और प्रबंधन को लेकर सपा को घेर रहे हैं.


