नोएडा में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए 5.49 किलोमीटर लंबे छह लेन के एलिवेटेड रोड की योजना आगे बढ़ रही है. सेक्टर-3 स्थित रजनीगंधा अंडरपास से सेक्टर-60 तक बनने वाले इस कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) IIT रुड़की ने तैयार की है. रिपोर्ट नोएडा अथॉरिटी को मिलने के बाद परियोजना की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है.
800 से 850 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 800 से 850 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. संशोधित अलाइनमेंट को नोएडा अथॉरिटी से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. अलाइनमेंट तय नहीं होने के कारण यह परियोजना लंबे समय से अटकी हुई थी.
इन सेक्टरों से होकर गुजरेगा एलिवेटेड रोड
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड सेक्टर-3 से शुरू होकर सेक्टर-10, सेक्टर-12 और सेक्टर-22 के टी-पॉइंट से होते हुए सेक्टर-12, 22 और 56 के तिराहे तक मास्टर प्लान रोड-1 के बीच से गुजरेगा. इसके बाद यह सेक्टर-57 चौराहे से होते हुए सेक्टर-60 के सामने उतरेगा. इस रूट से नोएडा के कई व्यस्त चौराहों को बाईपास करने में मदद मिल सकती है.
जाम वाले प्रमुख चौराहों पर घटेगा दबाव
सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम चौराहे, सेक्टर-12/22 चौराहे, सेक्टर-12/22/56 तिराहे और सेक्टर-57 चौराहे पर अक्सर ट्रैफिक का दबाव रहता है. एलिवेटेड रोड बनने के बाद वाहन इन प्रमुख जंक्शनों को बाईपास कर सकेंगे. इससे सफर का समय कम होने और आसपास की सड़कों पर जाम से राहत मिलने की उम्मीद है.
सेक्टर-12 और 22 के टी-पॉइंट पर खास डिजाइन
इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा सेक्टर-12 और सेक्टर-22 का टी-पॉइंट माना जा रहा है. यहां एलिवेटेड रोड को मोड़ने के लिए विशेष कर्व डिजाइन तैयार किया गया है. इस हिस्से के डिजाइन पर IIT रुड़की ने खास ध्यान दिया है.
गाजियाबाद और आसपास के सेक्टरों को मिलेगा फायदा
सेक्टर-60 के सामने एलिवेटेड रोड के उतरने से सेक्टर-59, 62, 63, 73 और 121 के साथ ही गाजियाबाद की ओर जाने वाले लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है. यह कॉरिडोर DND से सेक्टर-62 तक सफर को आसान बनाने में मदद कर सकता है. हालांकि, परियोजना पूरी होने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है.


