चारधाम यात्रा 2026 से पहले एक अहम निर्णय लेते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले 47 मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस फैसले में उत्तराखंड के प्रमुख धाम बदरीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर भी शामिल हैं.
यह प्रस्ताव 10 मार्च को देहरादून स्थित समिति के कैंप कार्यालय में आयोजित बजट बैठक के दौरान पारित किया गया. बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी ने की. इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 121.7 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी गई.
हेमंत द्विवेदी ने क्या-क्या कहा?
समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि इस तरह की पाबंदी की मांग लंबे समय से की जा रही थी. उन्होंने कहा कि मंदिरों में वही लोग प्रवेश कर सकेंगे जो सनातन धर्म का पालन करते हैं और बाबा केदारनाथ और बद्री विशाल में आस्था रखते हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब आधिकारिक रूप से इन 47 मंदिरों के गर्भगृह और परिसर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लागू कर दी गई है.
ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू
इस बीच उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए डिजिटल माध्यम से अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था की गई है ताकि यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके.
पंजीकरण प्रक्रिया सुबह 7 बजे से शुरू हो गई है और यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए यह अनिवार्य है. इस वर्ष यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी जब Yamunotri Temple और Gangotri Temple के कपाट खोले जाएंगे.
इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे जबकि 23 अप्रैल से बदरीनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे. हर साल लाखों श्रद्धालु हिमालय में स्थित इन चारों धामों की यात्रा करते हैं और इसे हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक माना जाता है.


