हिमालयी राज्य उत्तराखंड को केंद्र सरकार से बड़ी वित्तीय सौगात मिली है। केंद्र की ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ एवं विशेष सहायता योजना के तहत राज्य को कुल 2355.54 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस राशि से राज्य सरकार को न केवल अपने ऋणों के पुनर्भुगतान में राहत मिलेगी, बल्कि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को भी नई गति मिल सकेगी।
ऋणों के पुनर्भुगतान के लिए मिली बड़ी सहायता
केंद्र सरकार द्वारा पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के अंतर्गत 2283.60 करोड़ रुपये ऋणों के पुनर्भुगतान के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इससे राज्य अपने बढ़ते ऋण बोझ को बेहतर ढंग से प्रबंधित कर सकेगा। साथ ही राज्य सरकार अपने बजट में ऋण अदायगी के लिए निर्धारित राशि को अन्य विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर खर्च कर सकेगी।
‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना से मिलेगा विकास को बल
केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ कार्यक्रम को अपने बजट का हिस्सा बनाया है। इस योजना का उद्देश्य पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में आर्थिक और आधारभूत ढांचे के विकास को बढ़ावा देना है। उत्तराखंड जैसे राज्यों को इस योजना के माध्यम से अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।
3460 करोड़ के पैकेज की पहली बड़ी किस्त
जानकारी के अनुसार, ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड को कुल 3460 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन ऋण के रूप में दिया जाना है। इसकी पहली किस्त के रूप में कुल राशि का 65 प्रतिशत से अधिक यानी 2355 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि राज्य को 50 वर्षों के लिए ब्याजमुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सरकार पर तत्काल वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा।
केंद्र पोषित योजनाओं के लिए भी मिले 71.94 करोड़
वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एसएएससीआई योजना के तहत 71.94 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए हैं। इस राशि का उपयोग केंद्र पोषित योजनाओं में राज्यांश के रूप में किया जाएगा। इससे विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र से मिली इस सहायता का सीधा लाभ राज्य की आधारभूत संरचना, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और अन्य विकास परियोजनाओं को मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास की पहुंच और मजबूत होगी।
वित्त सचिव के अनुसार, इन दोनों स्वीकृतियों के बाद केंद्र सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के तहत उत्तराखंड को अब तक कुल 2355.54 करोड़ रुपये उपलब्ध करा चुकी है। राज्य सरकार का मानना है कि यह सहायता उत्तराखंड के समग्र विकास और वित्तीय मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

