मुंबई, लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार मंगलवार को मुंबई में दस्तक दे दी। सामान्य तौर पर 11 जून तक पहुंचने वाला मानसून इस बार 13 दिन की देरी से 24 जून को शहर पहुंचा। मानसून के आगमन के साथ जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं भारी बारिश ने शहर के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया।
रातभर हुई तेज बारिश और मंगलवार सुबह तक जारी बरसात के कारण मुंबई के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सड़कों, अंडरपास और निचले इलाकों में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
अंडरपास और सड़कों पर भरा पानी
मुंबई के साकीनाका मेट्रो स्टेशन समेत कई इलाकों में जलभराव के दृश्य सामने आए। सबसे अधिक परेशानी अंधेरी अंडरपास में देखने को मिली, जहां भारी मात्रा में पानी जमा हो गया।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों के अनुसार, अंडरपास में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों को अंडरपास में प्रवेश करने से रोकने के प्रयास किए, लेकिन कुछ वाहन चालक जोखिम उठाते हुए वहां से गुजरने की कोशिश करते रहे। इसी दौरान एक ऑटो रिक्शा पानी में फंस गया, जिसके बाद बीएमसी कर्मचारियों ने चालक को सुरक्षित बाहर निकाला।
बुधवार के लिए यलो अलर्ट जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार के लिए मुंबई में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार शहर में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में भी यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं, जहां अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
मुंबई में कितनी हुई बारिश?
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों में कोलाबा में 49 मिमी और सांताक्रूज में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक कोलाबा में 35.6 मिमी और सांताक्रूज में 8.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
शहर के विभिन्न इलाकों में लगे स्वचालित वर्षामापी केंद्रों के अनुसार सबसे अधिक 42.5 मिमी बारिश भायखला में दर्ज की गई। इसके अलावा सायन में 21.5 मिमी, महालक्ष्मी में 18 मिमी, बांद्रा में 17 मिमी, राम मंदिर क्षेत्र में 13 मिमी, विद्याविहार में 5.5 मिमी और विक्रोली में 5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इतिहास के सबसे विलंबित मानसून आगमन में शामिल
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मुंबई में मानसून का आगमन वर्ष 1951 के बाद दर्ज सबसे विलंबित आगमन में शामिल हो गया है। 24 जून को मानसून पहुंचना शहर के इतिहास में तीसरा सबसे देरी से दर्ज आगमन माना जा रहा है। इससे पहले 1959, 2019 और 2022 में मानसून 25 जून को मुंबई पहुंचा था।
आईएमडी ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने महाराष्ट्र के शेष हिस्सों, मुंबई, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्रों में भी आगे बढ़त बना ली है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून और अधिक सक्रिय होने की संभावना है, जिससे बारिश का दायरा और बढ़ सकता है।


