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उत्तराखंड में 1200 पुराने पुल होंगे मजबूत, PWD ने तैयार किया 5 साल का मास्टर प्लान

Mintwire by Mintwire
24/07/2026
in उत्तराखंड, राज्य
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देहरादून: उत्तराखंड में मानसून के दौरान पुलों के क्षतिग्रस्त होने से संपर्क टूटने की समस्या से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। वर्ष 2026-31 की कार्ययोजना के तहत राज्य के करीब 1,200 पुराने पुलों को चरणबद्ध तरीके से मजबूत और आधुनिक बनाया जाएगा, ताकि वे भारी वाहनों और प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर सकें।

राज्य में 3,559 पुल, 1,200 पुराने मानकों पर बने

प्रदेश में कुल 3,559 पुल हैं। इनमें 345 राष्ट्रीय राजमार्गों और 3,214 राज्य सरकार के अधीन हैं। कुल पुलों में 2,009 मोटर पुल और 1,205 पैदल पुल शामिल हैं। इनमें से करीब 1,200 पुल आज भी पुराने क्लास-बी लोडिंग मानकों पर बने हैं, जो वर्तमान समय के भारी ट्रैफिक और आधुनिक वाहनों के लिए पर्याप्त नहीं माने जाते।

सबसे अधिक पुराने पुल चमोली (159), पौड़ी (139), अल्मोड़ा (123), पिथौरागढ़ (116) और टिहरी (112) जिलों में हैं।

पहले चरण में 349 पुल होंगे अपग्रेड

मास्टर प्लान के तहत पहले चरण में 104 राज्य राजमार्गों पर स्थित 349 पुलों को क्लास-ए लोडिंग मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इन पुलों पर भारी वाहनों और राहत सामग्री की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है।

ADB की मदद से 235 पुलों का होगा आधुनिकीकरण

एशियाई विकास बैंक (ADB) की सहायता से 235 पुलों को आधुनिक तकनीक से विकसित किया जाएगा। इनमें क्लास-70आर क्षमता, भूकंपरोधी डिजाइन और बाढ़ सुरक्षा जैसे आधुनिक मानकों को शामिल किया जाएगा, ताकि आपदा के समय भी पुल सुरक्षित बने रहें।

91 असुरक्षित पुलों में 76 की मरम्मत पूरी

वर्ष 2022 में किए गए सर्वे में 91 पुल असुरक्षित पाए गए थे। इनमें से 76 पुलों की मरम्मत और रेट्रोफिटिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 15 पुलों का पुनर्निर्माण मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

30 स्थानों पर अब भी ट्रॉली के सहारे नदी पार करते हैं लोग

राज्य के सीमांत क्षेत्रों में अब भी 30 स्थान ऐसे हैं, जहां लोग मैनुअल ट्रॉली के जरिए नदी पार करते हैं। इनमें आठ पुल निर्माणाधीन हैं, जबकि 15 पुलों की डीपीआर तैयार की जा रही है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028 तक अधिकांश ट्रॉलियों की जगह स्थायी पुल तैयार करना है।

हर पुल का बनेगा डिजिटल हेल्थ कार्ड

लोक निर्माण विभाग भविष्य में सभी 3,559 पुलों का डिजिटल हेल्थ कार्ड तैयार करेगा। इसके अलावा मानसून से पहले अनिवार्य स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट, पुराने पुलों का समयबद्ध उन्नयन, संवेदनशील पुलों पर सेंसर आधारित निगरानी, नदी कटाव नियंत्रण और आपदा संभावित क्षेत्रों में बेली ब्रिज जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी काम किया जाएगा।

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