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धर्मेंद्र प्रधान ने दो बार दिया था इस्तीफा, सरकार ने ठुकराया, फिर आखिर ऐसा क्या बदला कि छोड़ना पड़ा पद?

Mintwire by Mintwire
26/07/2026
in देश
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देने से पहले दो बार अपना पद छोड़ने की पेशकश की थी, लेकिन सरकार ने दोनों बार उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक, सरकार का मानना था कि किसी मंत्री का इस्तीफा देना समस्या का समाधान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना होगा। हालांकि, बाद में हालात बदलने पर सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

दो बार इस्तीफा देने की पेशकश

सूत्रों के अनुसार, NEET पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने दो बार इस्तीफा देने की इच्छा जताई थी। 20 जुलाई को हुई वरिष्ठ मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक में भी उन्होंने पद छोड़ने की पेशकश की, लेकिन नेतृत्व ने उन्हें शिक्षा क्षेत्र में सुधारों की जिम्मेदारी निभाने के लिए पद पर बने रहने को कहा।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार की सोच थी कि “मंत्री का इस्तीफा सबसे आसान विकल्प होता है। मोदी सरकार समस्याओं से भागने नहीं, बल्कि उनका समाधान करने में विश्वास रखती है।”

फिर क्या बदला?

बताया जा रहा है कि सरकार का रुख कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ दूसरे दौर की बातचीत के बाद बदला। सूत्रों के मुताबिक, CJP ने 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च की तरह एक और बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका बढ़ गई।

सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट बनी चिंता

सूत्रों के अनुसार, 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान छात्रों के घायल होने के बाद सरकार पहले से ही चिंतित थी। इसी बीच सुरक्षा एजेंसियों ने रिपोर्ट दी कि कुछ असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्व आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

बताया गया कि डिजिटल मॉनिटरिंग के दौरान 400 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट आंदोलन से जुड़ी सामग्री को बढ़ावा देते मिले, जिनमें करीब 100 इंस्टाग्राम अकाउंट पाकिस्तान से संचालित होने का संदेह जताया गया। प्रारंभिक जांच में दावा किया गया कि इनमें से कई अकाउंट पहले भी भारत विरोधी दुष्प्रचार से जुड़े रहे थे।

फेस रिकग्निशन सिस्टम से भी मिली जानकारी

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस के फेस रिकग्निशन सिस्टम ने 20 से 24 जुलाई के बीच जंतर-मंतर के आसपास करीब 400 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान की। इनमें कुछ लोगों के 20 जुलाई की हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं से जुड़े होने की भी आशंका जताई गई।

सार्वजनिक व्यवस्था को प्राथमिकता

सूत्रों का कहना है कि CJP के साथ अंतिम दौर की बातचीत से पहले सरकार ने राष्ट्रीय हित और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने का फैसला किया। जंतर-मंतर पर बढ़ते तनाव को कम करने और आंदोलन के और अधिक फैलने से रोकने के उद्देश्य से धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वीकार कर लिया।

प्रधान के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया।

Tags: cjpCJP Protestcjp protest newsdharmendar pradhanDharmendra PradhanDharmendra pradhan newsDharmendra pradhan resignSonam Wangchuk
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