झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के तीसरे दिन और सत्याग्रह के 11वें दिन आंदोलन को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि को समर्पित किया. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी धरने के दौरान उन्होंने एक भावुक वीडियो संदेश साझा किया, जिसमें वह बिस्तर पर लेटे हुए शिबू सोरेन की तस्वीर हाथ में लिए नजर आए. वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, “सत्याग्रह का 11वां दिन. भूख हड़ताल का तीसरा दिन. दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम समर्पित खास संदेश.” इस पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल और अन्य अधिकारियों को भी टैग किया.
देवेंद्र नाथ महतो ने अपने संदेश में कहा कि यह आंदोलन किसी पद, राजनीति या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती व्यवस्था दिलाने के लिए है. उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान लगातार जारी रहेगा. इसके साथ ही उन्होंने सरकार से बातचीत की मांग करते हुए कहा, “हेमंत सोरेन बात कीजिए या इस्तीफा दीजिए.”
JPSC और JSSC भर्ती में अनियमितताओं का आरोप
यह छात्र आंदोलन जुलाई से जारी है. प्रदर्शनकारी JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, धांधली और अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं. आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना, पूरे मामले की CBI जांच कराना और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार करना शामिल है. इसी मांग को लेकर देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी.
स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद जारी है आंदोलन
भूख हड़ताल के तीसरे दिन देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही है. उन्होंने कहा कि पूरे शरीर में दर्द है, पैरों में भारीपन महसूस हो रहा है, बार-बार चक्कर आ रहे हैं और सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है. इसके बावजूद उन्होंने साफ किया कि छात्रों के न्याय की लड़ाई बीच में नहीं छोड़ी जाएगी और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से फैसला नहीं लेती.
‘यह राजनीति नहीं, युवाओं के भविष्य की लड़ाई’
महतो ने कहा कि इस आंदोलन को किसी भी राजनीतिक दल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. उनके मुताबिक यह झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और ईमानदार चयन व्यवस्था की लड़ाई है. उन्होंने सभी छात्रों और समर्थकों से शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील करते हुए सरकार से युवाओं की मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग दोहराई.


