रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी है। सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच रविवार को बातचीत का छठा दौर शुरू हो गया है। बैठक रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में हो रही है, जिसमें छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सरकार के प्रतिनिधि शामिल हैं। बताया जा रहा है कि लेफ्ट समर्थित AISA के सदस्य भी बातचीत में हिस्सा ले रहे हैं।
पांच दौर की बातचीत के बाद भी नहीं निकला समाधान
सरकार इससे पहले शुक्रवार और शनिवार को अलग-अलग छात्र संगठनों के साथ पांच दौर की बातचीत कर चुकी है, लेकिन अब तक गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनकी मांगों और बातचीत के दौरान सामने आए मुद्दों से अवगत कराया गया है।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग 2 जुलाई को हुई 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में अनियमितताएं हुई हैं और इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
CBI या रिटायर्ड जज से जांच की मांग
प्रदर्शनकारी छात्र कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच CBI या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस ने भी छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि बच्चों और छात्रों के हित सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे छात्र झारखंड, प्रयागराज, दिल्ली, मुंबई या कोटा के हों, उनके मुद्दे सुने जाने चाहिए। राहुल गांधी ने भी छात्रों का समर्थन करते हुए सरकारों से शिक्षा व्यवस्था में जरूरी बदलाव करने की मांग की है।
भूख हड़ताल भी जारी
आंदोलन के बीच कई छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो भी लंबे समय से अनशन पर हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सभी छात्र संगठनों की मुख्य मांगें समान हैं और सरकार को अब बातचीत से आगे बढ़कर ठोस फैसला लेना चाहिए।


