देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अभी भी जारी हैं. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के कारण पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है.
ओडिशा में भारी बारिश का खतरा
ओडिशा में गहरे दबाव का क्षेत्र बनने से भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. राज्य के कई जिलों में तेज बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है. 23 सितंबर की रात के आसपास मौसम तंत्र के तट के करीब पहुंचने की संभावना है. तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है.
पश्चिम बंगाल, झारखंड और आंध्र प्रदेश में भी बारिश
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश में दिखाई दे सकता है. पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. उत्तर बंगाल के कुछ इलाकों में भी बारिश बढ़ सकती है.
महाराष्ट्र में बारिश की संभावना
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पुणे, नासिक समेत कई जिलों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है. कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है.
दिल्ली-NCR में फिलहाल बारिश से राहत
दिल्ली-NCR में मानसून की वापसी के कारण फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है. आने वाले दिनों में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है, हालांकि 25 सितंबर के आसपास आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं. राजधानी में फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं है.
दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर
कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. बेंगलुरु और हैदराबाद में भी कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है.
इन राज्यों में रखें खास सावधानी
ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तटीय आंध्र प्रदेश के बारिश प्रभावित इलाकों में लोगों को जलभराव, तेज हवाओं और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की स्थिति में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है.


