कर्नाटक के मूडबिद्री की 15 वर्षीय छात्रा विष्णुप्रिया पई ने परीक्षा के तनाव और चिंता से जूझ रहे छात्रों की मदद के लिए अनोखी पहल की है. कक्षा 10 की छात्रा ने महज 15 दिनों में पांच जिलों के 51 स्कूलों में जाकर 4,500 से अधिक छात्रों को परीक्षा तनाव, समय प्रबंधन और बेहतर पढ़ाई के तरीकों के बारे में जागरूक किया.
15 दिनों में 51 स्कूलों तक पहुंची
विष्णुप्रिया पई अल्वा सेंट्रल स्कूल, मूडबिद्री की छात्रा हैं. उन्होंने 24 अगस्त से 11 सितंबर के बीच यह जागरूकता अभियान चलाया. इस दौरान उन्होंने कर्नाटक के हासन, कोडागु, बेंगलुरु, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों के 51 स्कूलों का दौरा किया. हर स्कूल में करीब एक घंटे का सत्र आयोजित कर छात्रों को परीक्षा की तैयारी और तनाव से निपटने के आसान तरीके बताए.
खुद छात्रा बनकर साथियों को दी सलाह
आमतौर पर परीक्षा तनाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों में शिक्षक, परामर्शदाता या विशेषज्ञ छात्रों से बात करते हैं. लेकिन विष्णुप्रिया ने खुद अपनी उम्र के छात्रों के बीच जाकर यह पहल की. उनका कहना है कि सही तैयारी, बेहतर योजना और सकारात्मक सोच के जरिए परीक्षा से जुड़ी चिंता को काफी हद तक संभाला जा सकता है.
कक्षा 6 से मनोविज्ञान में रुचि
विष्णुप्रिया की मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श और मनोविज्ञान में रुचि कक्षा 6 से ही रही है. पिछले चार वर्षों में उन्होंने इंडियन काउंसलिंग सर्विसेज के जरिए कई ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी पूरे किए हैं. इसी दौरान उन्होंने मनोविज्ञान और परामर्श से जुड़े विषयों की समझ विकसित की.
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने माना रिकॉर्ड
विष्णुप्रिया के अभियान को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भी मान्यता दी है. अभियान के दौरान 4,500 से अधिक छात्रों तक पहुंचने के आधार पर इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया है. उन्हें इसका आधिकारिक प्रमाण पत्र 1 अक्टूबर को अल्वा एजुकेशन फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. एम. मोहन अल्वा की मौजूदगी में दिया जाएगा.
छात्रों को बताए आसान तरीके
अभियान के दौरान छात्रों को परीक्षा के दबाव को संभालने, पढ़ाई का समय तय करने, आसान तरीके से पढ़ने और परीक्षा की तैयारी को व्यवस्थित करने के बारे में जानकारी दी गई. इस पहल के जरिए विष्णुप्रिया ने अपने साथियों को यह समझाने की कोशिश की कि परीक्षा के तनाव से घबराने के बजाय बेहतर योजना और तैयारी के साथ उसका सामना किया जा सकता है.


