उत्तर प्रदेश में प्रीमियम इंपोर्टेड शराब खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है. 10 अक्टूबर से ब्रिटेन से आने वाली कई विदेशी शराब की कीमतों में कमी होने जा रही है. इंडिया-यूके कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) के तहत ब्रिटेन में बनी प्रीमियम शराब पर कस्टम ड्यूटी घटने का असर अब उत्तर प्रदेश में भी दिखाई देगा.
आबकारी विभाग ने डियाजियो के जॉनी वॉकर ब्रांड की नई कीमतें तय कर दी हैं. वहीं, पेरनोड रिकार्ड की शिवास रीगल, बैलेंटाइन्स, जेमसन और एब्सोल्यूट जैसी शराब की कीमतों को संशोधित करने की प्रक्रिया जारी है. इन ब्रांडों के दाम में करीब 5 से 15 फीसदी तक कमी की जा सकती है.
कस्टम ड्यूटी 150% से घटकर 75% हुई
CETA के तहत 15 जुलाई से ब्रिटेन में बनी शराब पर कस्टम ड्यूटी 150 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी कर दी गई थी. हालांकि कस्टम ड्यूटी शराब की अंतिम MRP का सिर्फ एक हिस्सा होती है. MRP तय करते समय कई दूसरे शुल्क और लागत भी शामिल होते हैं. ऐसे में ग्राहकों को मिलने वाला वास्तविक फायदा करीब 15 फीसदी तक रहने की उम्मीद है.
किन विदेशी शराब के दाम घटेंगे?
अधिकारियों के मुताबिक, कीमतों में कटौती का फायदा उन ब्रांडों को मिलेगा जो ब्रिटेन से समुद्री रास्ते के जरिए भारत आयात किए जाते हैं और मूल देश में ही बोतलबंद होते हैं.
वहीं, भारत में बोतलबंद किए जाने वाले कुछ ब्रांडों की MRP पर इसका असर नहीं पड़ेगा. इनमें ब्लैक एंड व्हाइट, जस्टरिनी एंड ब्रूक्स, ब्लैक डॉग और ब्लैक एंड गोल्ड जैसे ब्रांड शामिल हैं.
750 ML की बोतल पर 940 रुपये तक की बचत
नई कीमतों के मुताबिक जॉनी वॉकर के कई लोकप्रिय ब्रांड पहले के मुकाबले सस्ते होंगे. 750 ML की बोतल के लिए मौजूदा और नई MRP इस तरह होगी:
- Red Label: 1910 रुपये से घटकर 1740 रुपये
- Black Label: 3080 रुपये से घटकर 2830 रुपये
- Double Black: 3770 रुपये से घटकर 3370 रुपये
- Gold Label: 5090 रुपये से घटकर 4600 रुपये
- Blue Label: 15400 रुपये से घटकर 14460 रुपये
इस हिसाब से Blue Label की 750 ML बोतल पर सीधे 940 रुपये की कमी होगी.
पुराना स्टॉक बेचने में आ सकती है दिक्कत
नई कीमतें लागू होने के बाद आबकारी विभाग के सामने पुराने स्टॉक को लेकर भी चुनौती है. अधिकारियों के मुताबिक, पुराने स्टॉक को वापस लेना संभव नहीं है क्योंकि उस पर एक्साइज ड्यूटी पहले ही जमा की जा चुकी है.
विभाग को आशंका है कि नई कीमतों की जानकारी सामने आने के बाद ग्राहक पुराने स्टॉक को खरीदने से बच सकते हैं. ऐसे में रिटेल दुकानों पर पुराने और नए स्टॉक के बीच अंतर को लेकर स्थिति पैदा हो सकती है.
बोतल का QR कोड स्कैन कर चेक करें MRP
आबकारी विभाग ग्राहकों को ज्यादा कीमत वसूले जाने से बचाने के लिए जागरूक करेगा. इसके लिए शराब की दुकानों पर बोर्ड और पोस्टर लगाए जाने की योजना है.
ग्राहकों को सलाह दी जाएगी कि शराब खरीदते समय बोतल पर दिए गए QR कोड को स्कैन कर उसकी सही MRP की जांच करें. विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नई कीमत लागू होने के बाद रिटेलर ग्राहकों से निर्धारित MRP से अधिक रकम न वसूलें.
घरेलू कंपनियों ने भी उठाई टैक्स में बराबरी की मांग
विदेशी शराब पर ड्यूटी कम होने के बाद घरेलू शराब कंपनियों ने भी सरकारों से मौजूदा ड्यूटी स्ट्रक्चर पर दोबारा विचार करने की मांग शुरू कर दी है. इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का कहना है कि विदेशी ब्रांडों को ड्यूटी में राहत मिलने से घरेलू कंपनियों पर प्रतिस्पर्धा का दबाव बढ़ सकता है.
आबकारी विभाग का कहना है कि घरेलू डिस्टिलर्स और मैन्युफैक्चरर्स की चिंताओं पर भी विचार किया जाएगा. अगले वित्त वर्ष की आबकारी नीति तैयार करते समय इन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.


