दिल्ली में शनिवार, 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. जंतर-मंतर और राजधानी के दूसरे संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात है. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन से पहले 1,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. वहीं, सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के 40 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती की जानकारी सामने आई है.
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इस प्रदर्शन का आह्वान किया है. प्रदर्शन में संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ यूट्यूबर ध्रुव राठी के भी शामिल होने की बात कही गई है. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही है.
क्यों हो रहा है CJP का प्रदर्शन?
कॉकरोच जनता पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है. संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. इसी मुद्दे को लेकर 2 अक्टूबर को मुंबई में भी प्रदर्शन किया गया था.
द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद SIR से जुड़े फैसलों को लेकर विवाद और बढ़ गया. रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने के दौरान SIR से जुड़ी प्रक्रियाओं और फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी.
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि 2024 से अब तक करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं. उन्होंने इन कथित नाम कटने की घटनाओं को 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA और INDIA गठबंधन के बीच वोट शेयर के अंतर से भी जोड़ा है.
हालांकि, चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR सहित महत्वपूर्ण फैसले पूरे आयोग ने सर्वसम्मति से लिए थे.
प्रदर्शन से पहले 1000 से ज्यादा लोग हिरासत में
पुलिस के मुताबिक, CJP के प्रदर्शन से पहले शुक्रवार देर रात से शनिवार सुबह तक दिल्ली के अलग-अलग इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में 1,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया. यह कार्रवाई प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई.
दिल्ली के तीन स्टेडियम बन सकते हैं अस्थायी हिरासत केंद्र
प्रदर्शन के दौरान जरूरत पड़ने पर दिल्ली के तीन स्टेडियम को अस्थायी हिरासत केंद्र के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, इनमें बवाना स्थित राजीव गांधी स्टेडियम, उत्तरी दिल्ली का छत्रसाल स्टेडियम और इंडिया गेट के पास स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम शामिल हैं.
इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर बुराड़ी स्थित निरंकारी समागम ग्राउंड का इस्तेमाल भी हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए किया जा सकता है.
अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी ने क्या कहा?
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सुरक्षा इंतजामों और कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही सरकार ने हार मान ली है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई और दिल्ली में पाबंदियां लगाए जाने जैसे कदम सरकार की चिंता को दिखाते हैं.
वहीं, यूट्यूबर ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मेट्रो स्टेशनों के बंद होने, ट्रेनों और बसों के रद्द होने, सीमाएं सील किए जाने और लोगों को हिरासत में लिए जाने का जिक्र किया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्रदर्शन में कम लोगों के शामिल होने की संभावना थी, तो इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था क्यों की गई.
पुलिसकर्मियों को दिए गए बॉडी कैमरे
CJP के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस के जवानों को बॉडी कैमरे भी दिए गए हैं. एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ये कैमरे कम रोशनी में भी वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. पुलिस का कहना है कि धक्का-मुक्की या किसी विवाद की स्थिति में इन कैमरों की रिकॉर्डिंग से घटनाओं की जानकारी जुटाने और आरोपों की जांच करने में मदद मिलेगी.
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर सहित राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है. मेट्रो सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन और दिल्ली की सीमाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर भी चर्चाएं हैं. ऐसे में प्रदर्शन के दौरान लोगों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है.
फिलहाल, प्रदर्शन के दौरान कितने लोग जुटते हैं और इसका आगे क्या असर होता है, इस पर सबकी नजर है.


