केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ घंटों बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है। प्रह्लाद जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की मंजूरी भी दे दी गई है।
पहले से संभाल रहे हैं कई अहम मंत्रालय
प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री हैं। अब इन मंत्रालयों के साथ-साथ वे शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे।
लंबे समय से सक्रिय हैं राजनीति में
64 वर्षीय प्रह्लाद जोशी कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से वर्ष 2004 से लगातार सांसद चुने जाते रहे हैं। इससे पहले मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वे कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुआ फैसला
धर्मेंद्र प्रधान ने कथित नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच अपने पद से इस्तीफा दिया था। उनके इस्तीफे के बाद सरकार ने तत्काल शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया है। अब नए शिक्षा मंत्री की स्थायी नियुक्ति तक वही मंत्रालय के कामकाज की जिम्मेदारी निभाएंगे।


