माफिया से नेता बने अतीक अहमद के बड़े बेटे मोहम्मद उमर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने रंगदारी, पैसे की मांग और जान से मारने की धमकी से जुड़े मामले में उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने फिलहाल उमर को जमानत देने से इनकार कर दिया।
5 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप
मोहम्मद उमर इस समय जेल में बंद है। उसके और उसके भाई अली अहमद के खिलाफ प्रयागराज के एक बिल्डर से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और उसे अगवा करने के आरोप में मामला दर्ज है।
आरोप है कि बिल्डर को जबरन अगवा किया गया और उसके साथ मारपीट करने के साथ ही धमकी भी दी गई। इस मामले में अदालत पहले ही आरोप तय कर चुकी है।
अक्टूबर 2021 की घटना से जुड़ा है मामला
यह मामला अक्टूबर 2021 की घटना से जुड़ा है। शिकायतकर्ता बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम ने आरोप लगाया था कि अतीक अहमद के बेटों और उनके साथियों ने उसे अगवा कर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। मामले में उमर और अली के अलावा कई अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को ध्यान में रखा। अदालत ने मौजूदा परिस्थितियों में उमर को जमानत देना उचित नहीं माना।
छोटे भाई के अंतिम संस्कार के लिए मिली थी पैरोल
हाल ही में उमर और उसके भाई अली अहमद को अपने छोटे भाई अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल मिली थी। अबान की अगस्त में झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
दोनों भाइयों को पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। उन्हें मीडिया से बातचीत नहीं करने की भी हिदायत दी गई थी। पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद उमर वापस जेल चला गया।
आगे भी जारी रहेगी कानूनी प्रक्रिया
अतीक अहमद की मौत के बाद भी उसके परिवार से जुड़े कई आपराधिक मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है। उमर के खिलाफ चल रहे रंगदारी और अपहरण के मामले में भी आगे सुनवाई होगी। हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद फिलहाल उमर को जेल में ही रहना होगा।


