माफिया-राजनेता अतीक अहमद के बेटे अली अहमद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर एक बार फिर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में अली अहमद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उसे और परेशान न किए जाने की अपील करता नजर आ रहा है. हालांकि, यह वीडियो नया नहीं बल्कि पिछले साल का है, जिसे अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की हालिया मौत के बाद फिर से शेयर किया जा रहा है.
झांसी जेल शिफ्ट किए जाने के दौरान दिया था बयान
वायरल वीडियो उस समय का है, जब अली अहमद को प्रयागराज की नैनी जेल से झांसी जिला कारागार शिफ्ट किया गया था. कड़ी सुरक्षा के बीच झांसी पहुंचने के बाद जेल के बाहर मौजूद पत्रकारों ने उससे बातचीत की थी. इसी दौरान अली ने अपनी परेशानियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई थी.
अली ने कहा था, “मुख्यमंत्री जी, अब और न सताया जाए, जो हो गया वो हो गया.” उसने आरोप लगाया था कि उसे परेशान किया जा रहा है और इससे बचाने की अपील की थी.
अली ने जेल में परेशान किए जाने का लगाया था आरोप
पत्रकारों से बातचीत में अली ने दावा किया था कि वह दिल्ली में कानून की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन उसे कथित तौर पर फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया गया. उसने यह भी दावा किया था कि जेल में रहने के दौरान उस पर कई मुकदमे दर्ज किए गए.
जब उससे उसकी सुरक्षा को लेकर सवाल किया गया था, तो अली ने कहा था कि वह सुरक्षित रहेगा या नहीं, यह अल्लाह ही जानता है. उसने प्रयागराज की नैनी जेल में भी परेशान किए जाने का आरोप लगाया था.
अली के मुताबिक, उसे जेल में अकेले रखा जाता था और किसी से बातचीत करने में भी परेशानी होती थी. उसने झांसी शिफ्ट किए जाने को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी.
अबान अहमद की मौत के बाद फिर वायरल हुआ वीडियो
अब अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की झांसी में सड़क हादसे में मौत के बाद अली अहमद का यह पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर दोबारा तेजी से वायरल हो रहा है. अबान की मौत की खबर के बाद अतीक परिवार से जुड़े पुराने वीडियो और बयान भी सोशल मीडिया पर फिर से शेयर किए जा रहे हैं.
ऐसे में वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर यह स्पष्ट करना जरूरी है कि वीडियो अबान की मौत के बाद का नहीं है. यह अली अहमद के झांसी जेल शिफ्ट किए जाने के समय का पुराना वीडियो है.
अली अहमद पर गंभीर आरोप
अली अहमद जुलाई 2022 में अदालत में सरेंडर करने के बाद से जेल में बंद रहा है. उस पर प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और उमेश पाल हत्याकांड की साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं.
जून 2025 में नैनी जेल में अली की बैरक से कथित तौर पर 1,100 रुपये नकद मिलने का मामला भी सामने आया था. इसके बाद जेल प्रशासन के दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और अली को हाई-सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट किया गया था.


